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कश्मीर घाटी में कमजोर पड़ा हिजबुल, LOC पर मौजूदगी दिखाने के लिए बना रहा प्लान
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Fri, 02 Sep 2016 06:26 PM IST
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आतंकी
- फोटो : Demo Pic.
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अखनूर के पलांवाला सेक्टर में हमले की जिम्मेदारी हिजबुल मुजाहिदीन के लेने से खुफिया एजेंसियां चौंक गई हैं।
हिजबुल की मौजूदगी एजेंसियों की समझ से परे है, क्योंकि इससे पहले कभी जम्मू संभाग की एलओसी और आईबी पर घुसपैठ या फिर आतंकी हमले में हिजबुल की मौजूदगी नहीं रही है। यही कारण है कि हिजबुल का पलांवाला सेक्टर में खुद को शामिल करना एजेंसियों को हज्म नहीं हो रहा। बावजूद इसके एजेंसियों ने इस पर गहरा मंथन शुरू कर दिया है।
सूत्रों का कहना है कि खुफिया एजेंसियों ने हिजबुल की मौजूदगी को लेकर काम शुरू कर दिया है। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि पलांवाला की घटना को अंजाम देने में शामिल आतंकी हिजबुल के थे या फिर दूसरे आतंकी संगठन के।
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हिजबुल की मौजूदगी एजेंसियों की समझ से परे है, क्योंकि इससे पहले कभी जम्मू संभाग की एलओसी और आईबी पर घुसपैठ या फिर आतंकी हमले में हिजबुल की मौजूदगी नहीं रही है। यही कारण है कि हिजबुल का पलांवाला सेक्टर में खुद को शामिल करना एजेंसियों को हज्म नहीं हो रहा। बावजूद इसके एजेंसियों ने इस पर गहरा मंथन शुरू कर दिया है।
सूत्रों का कहना है कि खुफिया एजेंसियों ने हिजबुल की मौजूदगी को लेकर काम शुरू कर दिया है। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि पलांवाला की घटना को अंजाम देने में शामिल आतंकी हिजबुल के थे या फिर दूसरे आतंकी संगठन के।
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पलांवाला हमले को माना जा रहा बैट हमला
एलओसी
- फोटो : File Photo
खुफिया सूत्रों का यह भी कहना है कि आतंकी बुरहान के मारे जाने के बाद हिजबुल कमजोर पड़ता जा रहा है। इसलिए अब वो खुद को बड़े आतंकी संगठन के रूप में स्थापित करने की कोशिश में है।
इसलिए एक वजह यह भी हो सकती है कि वह इस हमले में खुद को शामिल होने की बात कह रहा है। दरअसल, पिछले तीन-चार साल से देखा जाए तो जम्मू, सांबा, कठुआ, राजोरी, पुंछ में घुसपैठ और आतंकी हमले लश्कर-ए-तैयबा ने किए हैं।
सूत्रों की मानें तो पलांवाला में सेना के जवानों पर बैट हमला था। आतंकियों ने भारतीय सीमा के भीतर घुसकर स्नाइपर से जवानों को निशाना बनाया। इसमें एक जवान शहीद हो गया और दूसरा घायल हो गया। आतंकी काफी हद तक अंदर आ गए थे, लेकिन जवानों ने उन्हें देख लिया और वापस जाने पर मजबूर कर दिया।
इसलिए एक वजह यह भी हो सकती है कि वह इस हमले में खुद को शामिल होने की बात कह रहा है। दरअसल, पिछले तीन-चार साल से देखा जाए तो जम्मू, सांबा, कठुआ, राजोरी, पुंछ में घुसपैठ और आतंकी हमले लश्कर-ए-तैयबा ने किए हैं।
सूत्रों की मानें तो पलांवाला में सेना के जवानों पर बैट हमला था। आतंकियों ने भारतीय सीमा के भीतर घुसकर स्नाइपर से जवानों को निशाना बनाया। इसमें एक जवान शहीद हो गया और दूसरा घायल हो गया। आतंकी काफी हद तक अंदर आ गए थे, लेकिन जवानों ने उन्हें देख लिया और वापस जाने पर मजबूर कर दिया।