जम्मू कश्मीर के लिए नई व्यापार और उद्योग नीति जल्द
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रियासत में जल्द ही नई व्यापार और उद्योग नीति बनाई जाएगी। इस संबंध में राज्यपाल एनएन वोहरा ने वित्तीय आयुक्त (उद्योग और वाणिज्य) खुर्शीद अहमद गनई को आवश्यक निर्देश दिए। राजभवन में हुई बैठक में वित्तीय आयुक्त ने औद्योगिक प्रोत्साहन, उद्यमिता माहौल बनाने, ग्रामीण उद्योग, हैंडीक्राफ्ट और हैंडलूम सेक्टर के लिए उठाए गए कदमों से राज्यपाल को अवगत करवाया।
इस दौरान राज्यपाल ने रियासत में उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए प्रदेश के संतुलित विकास के लिए आवश्यक कदम उठाने पर बल दिया। राज्यपाल ने वित्तीय आयुक्त को कहा कि ‘मेक इन इंडिया अभियान’ और ‘ईजी आफ डूइंग बिजनेस’ को सफल बनाने के लिए तत्काल कदम उठाएं और उस पर करीबी नजर रखें।
इस दौरान प्रदेश के मुख्य सूचना आयुक्त जीआर सूफी ने भी राज्यपाल से मुलाकात की। सूफी ने राज्यपाल को आयोग की ओर से सूचना के अधिकार को मजबूत करने के लिए उठाए कदमों की जानकारी दी। साथ ही इस संबंध में लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। इस दौरान राज्यपाल ने सरकारी तंत्र में पारदर्शिता बनाने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर विचार किया। साथ ही आवश्यक निर्देश भी दिए।
रॉ सिल्क पर आयत ड्यूटी संशोधन करने को लिखा
राज्यपाल वोहरा ने कपड़ा केंद्रीय राज्यमंत्री संतोष कुमार गंगवार को पत्र लिख रॉ सिल्क पर लगने वाली आयात ड्यूटी संशोधन करने को कहा। उन्होंने कहा कि रॉ सिल्क पर आयात ड्यूटी 15 फीसदी से बढ़ाकर 30 फीसदी की जाए। उन्होंने मंत्री से कहा कि इस मामले को केंद्रीय वित्त मंत्री के समक्ष रखें।
राजभवन के प्रवक्ता के अनुसार रियासत के दूर दराज और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले 30 हजार परिवार रॉ सिल्क बनाते हैं। वर्ष 2011-12 में आयात होने वाले रॉ सिल्क पर ड्यूटी 30 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी कर दी थी। इसका सीधा प्रभाव रियासत में उत्पादित होने वाले रॉ सिल्क पर पड़ा। सरकार ने पिछले साल इस पर गौर करते हुए आयात ड्यूटी पांच से 15 फीसदी कर दी थी, जिसे अब 30 फीसदी करना चाहिए।