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और कड़ी करनी होगी पाकिस्तान से लगती सरहद की सुरक्षा
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Thu, 09 Jun 2016 01:17 AM IST
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सीएसबीपी के सदस्यों ने राज्यपाल से मुलाकात में दिए सुझाव
- फोटो : Amar Ujala
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जम्मू संभाग में भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा और लाइन ऑफ कंट्रोल पर सुरक्षा व्यवस्था विश्लेषण करने आई टीम के सदस्यों ने राज्यपाल से मिलकर विस्तार से चर्चा की। पूर्व गृह सचिव और कमेटी टू स्ट्रेंथन बार्डर प्रोटेक्शन (सीएसबीपी) के चेयरमैन मधुकर गुप्ता ने राज्यपाल के साथ चर्चा में सरहदी इलाकें में सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर करने की जरूरत पर जोर दिया।
पूर्व गृह सचिव और राज्यपाल ने वर्ष 2012 से लेकर अब तक अंतरराष्ट्रीय सीमा और लाइन आफ कंट्रोल पर हुई आतंकी घटनाओं को चर्चा के केंद्र में रखते हुए भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों पर बातचीत की।
इस अवसर पर घुसपैठ रोधी व्यवस्थाओं से लेकर सुरक्षा व्यवस्था में उत्तरी कमान की भूमिका, काउंटर टेररिजम ग्रिड के पहलुओं पर जोर दिया गया। जम्मू कश्मीर के अलावा राज्यपाल ने पंजाब में अंतरराष्ट्रीय सीमा के हालात पर भी चर्चा की। मधुकर गुप्ता ने कहा टीम सदस्यों ने बार्डर मैनेजमेंट की जमीनी हकीकत का विश्लेषण किया है।
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इसमें कई सुझाव सामने आए हैं जिन पर अमल करने की जरूरत होगी। वर्तमान में जो भी सुरक्षा चुनौतियां और खामियां हैं उनके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होंगीं। राज्यपाल से मिलने गई टीम में डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर डा. अरविंद गुप्ता, आंतरिक सुरक्षा के पूर्व गृह सचिव के विजय कुमार और नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रिटेरिएट के अधिकारी अरविंद कुमार और डा. शिवानंद मौजूद थे।
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पूर्व गृह सचिव और राज्यपाल ने वर्ष 2012 से लेकर अब तक अंतरराष्ट्रीय सीमा और लाइन आफ कंट्रोल पर हुई आतंकी घटनाओं को चर्चा के केंद्र में रखते हुए भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों पर बातचीत की।
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इस अवसर पर घुसपैठ रोधी व्यवस्थाओं से लेकर सुरक्षा व्यवस्था में उत्तरी कमान की भूमिका, काउंटर टेररिजम ग्रिड के पहलुओं पर जोर दिया गया। जम्मू कश्मीर के अलावा राज्यपाल ने पंजाब में अंतरराष्ट्रीय सीमा के हालात पर भी चर्चा की। मधुकर गुप्ता ने कहा टीम सदस्यों ने बार्डर मैनेजमेंट की जमीनी हकीकत का विश्लेषण किया है।
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इसमें कई सुझाव सामने आए हैं जिन पर अमल करने की जरूरत होगी। वर्तमान में जो भी सुरक्षा चुनौतियां और खामियां हैं उनके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होंगीं। राज्यपाल से मिलने गई टीम में डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर डा. अरविंद गुप्ता, आंतरिक सुरक्षा के पूर्व गृह सचिव के विजय कुमार और नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रिटेरिएट के अधिकारी अरविंद कुमार और डा. शिवानंद मौजूद थे।