सीएम मुफ्ती ने पाक पीएम से क्यों की 'गुजारिश'
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मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद पर पाकिस्तान और अलगाववादियों के प्रति नरम रुख रखने का अकसर आरोप लगता रहा है। लेकिन, दो दिनों में हुए दो आतंकी हमलों के बाद आखिरकार सईद भी पाकिस्तान के खिलाफ मुखर होकर बोले। मुख्यमंत्री ने इन हमलों को रियासत के अमन चैन को भंग करने की साजिश करार देते हुए पाकिस्तान से स्पष्ट कहा कि वह आतंकियों को नियंत्रित करे।
सांबा और कठुआ में फिदायीन हमलों पर सईद ने विधानसभा में यह बयान दिया। उन्होंने हमलों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी पारित किया। निंदा प्रस्ताव विधानसभा के अलावा विधान परिषद में भी सर्वसम्मति से पारित किया गया। साथ ही केंद्र सरकार को मामले में कड़ा रुख अपनाने को कहा गया ताकि रियासत की शांति भंग न हो।
विधानसभा में विपक्ष के हंगामे और प्रश्नकाल को रद्द करने की मांग के बाद मुख्यमंत्री ने सदन में कहा, ‘हमलों के पीछे जिसका हाथ है, उसकी पहचान करने की जरूरत है। रियासत के लोगों ने आगे बढ़ने के लिए जनादेश दिया है। यह हमले अमन भंग करने के अलावा रियासत को एकबार फिर 2003 जैसे माहौल में ढकेलने का षड्यंत्र हैं। मुझे शांति चाहिए।’
हमलों की निंदा करते हुए सईद ने कहा कि अवाम का संकल्प मजबूत है और इस तरह के आतंकी हमले उन्हें रोक नहीं सकते।
2003 की तरह एक बार फिर शांति वापस लाएंगे
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को संदेश में उन्होंने कहा, ‘यदि वह अमन और सुलह चाहते हैं तो पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनका तंत्र आतंकियों को अवश्य नियंत्रित करे।’ हालांकि इस दौरान सईद ने पाकिस्तान को भी आतंकवाद पीड़ित बताया। उन्होंने कहा, ‘पाक खुद भी आतंकवाद पीड़ित है।
यदि उनके प्रधानमंत्री कहते हैं कि वह कुछ करने में सक्षम नहीं हैं, तो यह हमारी भी जंग है।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि वह नवाज शरीफ को बताना चाहते हैं कि यदि वह उनके साथ शांति और दोस्ती चाहते हैं तो उन्हें आतंकियों को हर हाल में नियंत्रित करना ही होगा। कहा कि परवेज मुशर्रफ के कार्यकाल के दौरान 2002 से 2007 तक शांति रही, लेकिन बाद में हालात बदले।
इस दौरान दो भारतीय सैनिकों के सिर भी काट कर सीमा पार ले गए। लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा। सईद ने आतंकियों को सीमा पार के ‘नान स्टेट एक्टर’ की संज्ञा दी। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, ‘कराची में चर्च पर हमला करने वाले कौन थे? पेशावर में किसने हमला किया? लख्वी कौन है?
हालांकि, इस दौरान जब विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता रिगझिन जोरा ने मुख्यमंत्री से ‘नान स्टेट एक्टर’ के बारे पूछा तो मुफ्ती ने कहा कि उन्हें (आतंकियों) इस्लाम नहीं पढ़ाया गया। उन्हें सिर्फ यह सिखाया गया कि वह जाएं और लोगों का कत्ल करें। इस तरह के हमलों से उन्हें डिगाया नहीं जा सकता। हम आतंकियों से लड़ने में सक्षम हैं।
आफस्पा हटाने से पहले आशांत क्षेत्रों की होगी जांच: मुफ्ती
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने आज विधानसभा सत्र के दौरान कहा है कि सरकार आफस्पा हटाने की अधिसूचना जारी करने से पहले उन अशांत क्षेत्रों का परिक्षण करेगी। इसके बाद ही अफस्पा हटाने की उधिसूचना जारी करगी।
राज्य विधानसभा में एक लिखित प्रशन का उत्तर देते हुए मु्ख्यमंत्री ने कहा कि पहले राज्य के सुरक्षा के परिदृश्य के देखा जाएगा, कि किन स्थानों को सेना के अधिकार से मुक्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे में उन क्षेत्रों से आफस्पा की चरणबद्ध वापसी हो पाएगी।