फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   national medal winner players still waiting for jobs

होनहारों को है नौकरी का इंतजार

Wed, 23 Dec 2015 07:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू Updated Wed, 23 Dec 2015 07:59 PM IST
विज्ञापन
national medal winner players still waiting for jobs

रियासत में उत्कृष्ट खिलाड़ियों को तीन साल से एसआरओ 376 के तहत नौकरी पाने का इंतजार है। जेके स्टेट स्पोर्ट्स काउंसिल के इस एसआरओ के तहत पदक विजेताओं को कोटे के तहत विभिन्न सरकारी विभागों में भर्ती किया जाता है।

विज्ञापन


लगातार बढ़ रहे पदकों के बावजूद एसआरओ पर काम नहीं हो पाया है। हर साल एसआरओ के कोटे में 25 खिलाड़ियों को लाभ दिया जाता है।

वर्ष 1992 में एसआरओ 349 लाया गया। वर्ष 2002 में राज्य ने नेशनल गेम्स में तीन पदक लाए, लेकिन अब नेशनल गेम्स में राज्य की झोली में 10-15 पदक आ रहे हैं।
विज्ञापन


कुछ साल पहले एसआरओ 349 में संशोधन कर के एसआरओ 376 लाया गया। इसमें राष्ट्रीय पदक विजेताओं और अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में शिरकत करने वाली स्पोर्ट्स काउंसिल से मान्यता प्राप्त 39 खेलों के खिलाड़ियों को लाभ दिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि, काउंसिल से कुल मान्यता प्राप्त खेल एसोसिएशन 53 हैं। इसमें हर साल के शुरू में काउंसिल की ओर से जीएडी विभाग को 25 खिलाड़ियों का कोटा भेजा जाता है।

लेकिन वर्ष 2013 सत्र से अब तक ऐसे खिलाड़ियों को एसआरओ का लाभ नहीं मिल पाया है। खिलाड़ियों की ओर से आवेदन दिए गए हैं।

काउंसिल की पिछली स्टैंडिंग कमेटी की बैठक  में एसआरओ में 25 का कोटा बढ़ाकर चालीस करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था। मगर इस पर कुछ नहीं हो पाया है।


अंतरराष्ट्रीय फेंसर एवं काउंसिल के सदस्य रशीद अहमद का कहना है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को नियमित एसआरओ का लाभ दिया जाना चाहिए।

हर साल सीनियर नेशनल और अन्य दूसरे राष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप में राज्य के खिलाड़ी पदक ला रहे हैं। जिससे एसआरओ की आवेदनों की संख्या में लगातार बढ़ी है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed