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नाग पंचमी पर की नाग देवता की पूजा
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बिलावर। उपमंडल में शनिवार को नाग पंचमी का त्यौहार श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ज्यादातर लोगों ने घरों पर नाग देवता की पूजा की और प्रतीक स्वरूप गोबर से दीवार पर नाग देवता का जोड़ा बनाकर सिंदूर, अक्षत और पुष्प अर्पित कर पूजा की। इस अवसर पर नाग देवता से परिवार की रक्षा और कष्टों की मुक्ति करने के लिए प्रार्थना की।
पंडित राधा कृष्ण शास्त्री ने बताया की श्रावण मास की शुक्ल पंचमी को नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है, उन्होंने कहा कि इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है, जिससे नाग देवता लोगों के परिवारों की रक्षा करते हैं और कई प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती है। उन्होंने बताया कि नाग पंचमी के दिन नागों को दूध पिलाने से मनोवांछित फल प्राप्त होता है और नाग देवता की कृपा से घर परिवार में सुख शांति और खुशहाली का आगमन होता है।
इस अवसर पर कई गांवों के नाग देव स्थानों पर लोगों ने प्रसाद भी वितरित किया। उपमंडल मुख्यालय से सटे किशनपुर गांव के नाग देव स्थान पर वार्षिक भंडारे का आयोजन किया गया। बारिश के बावजूद भंडारे का लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारा शाम 6:00 बजे तक जारी रहा। संवाद
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पंडित राधा कृष्ण शास्त्री ने बताया की श्रावण मास की शुक्ल पंचमी को नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है, उन्होंने कहा कि इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है, जिससे नाग देवता लोगों के परिवारों की रक्षा करते हैं और कई प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती है। उन्होंने बताया कि नाग पंचमी के दिन नागों को दूध पिलाने से मनोवांछित फल प्राप्त होता है और नाग देवता की कृपा से घर परिवार में सुख शांति और खुशहाली का आगमन होता है।
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इस अवसर पर कई गांवों के नाग देव स्थानों पर लोगों ने प्रसाद भी वितरित किया। उपमंडल मुख्यालय से सटे किशनपुर गांव के नाग देव स्थान पर वार्षिक भंडारे का आयोजन किया गया। बारिश के बावजूद भंडारे का लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारा शाम 6:00 बजे तक जारी रहा। संवाद
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