भटके हुए युवाओं को इस तरह LINE पर लाना चाहते हैं मुफ्ती
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रियासत सरकार ने रोजगार के अवसर मुहैया कर भटके युवकों को मुख्यधारा से जोड़ने की नीति पर अमल शुरू कर दिया है। कश्मीर में बेरोजगारी के कारण आतंकी और अलगाववादी संगठनों के लिए युवकों को बहलाना और उन्हें हथियार उठाने के लिए उकसाना आसान हो जाता है।
रियासत सरकार ने उद्योगों के जरिये कश्मीर घाटी, जम्मू और लद्दाख के बेरोजगार युवकों को रोजगार उपलब्ध कराने की कार्य योजना पर अमल शुरू किया है। पढ़े-लिखे युवकों के अलावा अशिक्षित युवकों के लिए भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की कार्य योजना बनाई जा रही है।
मुफ्ती सरकार में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री चंद्र प्रकाश गंगा ने कहा कि अगले छह साल में रियासत में उद्योगों का जाल बिछाने की योजना है। बीमार उद्योगों को राहत देकर फिर से जिंदा करने की कोशिश होगी और नये उद्योगों के लिए उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए रियायतें देने की नीति बनाई जा रही है।
औद्योगीकरण के लिए 10 हजार कनाल जमीन
‘अमर उजाला’ से खास बातचीत में मुफ्ती सरकार के उद्योग मंत्री ने कहा कि जम्मू कश्मीर को गुजरात की तर्ज पर उद्योग प्रमुख राज्य बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया कार्यक्रम को गति देने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।
उद्योग मंत्री ने कहा कि पूरी रियासत में औद्योगीकरण के लिए 10 हजार कनाल जमीन की व्यवस्था की जा रही है। इस जमीन पर नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। पुराने इंडस्ट्रियल स्टेट में जिन उद्योगों ने काम शुरू नहीं किया है, उन्हें प्रोत्साहित कर उद्योग लगाए जाएंगे। स्थानीय कच्चा माल से उसी क्षेत्र में उद्योग विकसित करने की नीति पर अमल होगा।
लघु उद्योगों के लिए मदर इंडस्ट्री
जम्मू-कश्मीर की भौगोलिक स्थिति उद्योगों के लिए प्रतिकूल माहौल बनाती है। ऐसे में अतिरिक्त सुविधाएं मुहैया कराना जरूरी है। सरकार छोटे उद्योगों एवं सहयोगी उद्योगों के विकास के लिए मदर इंडस्ट्री स्थापित करने की नीति पर आगे बढ़ रही है। नई उद्योग नीति में रियासत के लिए जरूरी सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा। चैंबर आफ कामर्स और औद्योगिक संगठनों की सलाह ली जाएगी।
उद्यमी विकास संस्थान खुलेगा
रियासत सरकार उद्यमी विकास संस्थान खोलने की दिशा में आगे बढ़ी है। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके अलावा 100 करोड़ की लागत से कठुआ के घट्टी में तकनीकी केंद्र बनाया जाएगा। इससे उद्यमियों का कौशल विकास संभव हो सकेगा।
केंद्र उद्यमियों को तकनीक और डिजाइन के क्षेत्र में विशेष जानकारियां मुहैया कराएगा। माडिफाइड इन्फ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन स्कीम के तहत 41.04 और 16.11 करोड़ की लागत वाले दो प्रोजेक्ट मंजूर किए गए हैं।
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार केंद्र खुलेगा
रियासत सरकार ने पंपोर में इंटरनेशनल ट्रेड सेंटर बनाने का निर्णय लिया है। इस पर सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा कठुआ के गोविंदसर में मेगा टेक्सटाइल्स पार्क खोला जा रहा है। इससे उद्योगों को बाजार भी उपलब्ध हो सकेगा।
उद्योगों के लिए भूमि बैक
उद्योगों के लिए जमीन की मांग अधिक है और इसकी उपलब्धता कम है। लिहाजा रियासत सरकार ने भूमि बैक बनाने का निर्णय लिया है। ऐसे लैंड बैंक रियासत के अलग-अलग हिस्सों में बनाए जाएंगे, ताकि जरूरत के हिसाब से उद्योगों को भूमि उपलब्ध करवाई जा सके। कुलगाम के अशमुजी, उधमपुर के मजालता, बटाल बिलियन, कारगिल और सांबा में नए औद्योगिक स्टेट विकसित किए जाएंगे।
प्रशिक्षुओं का मानदेय बढ़ेगा
रियासत सरकार स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम में प्रशिक्षुओं का मानदेय बढ़ाने पर विचार कर रही है। उद्योग क्षेत्र में तकनीकी अन्वेषण को शामिल करने के लिए आनलाइन सेवाओं में बढ़ोतरी की जा रही है। इसके तहत उद्यमियों को सभी जानकारियां आनलाइन दी जाएंगी। रजिस्ट्रेशन से लेकर अन्य सभी जरूरी सुविधाएं आनलाइन उपलब्ध होंगी। सिंगल विंडो सिस्टम भी लागू किया जाएगा।