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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   mother wakes up whole night to save life of her disabled daughter in arania

गोलाबारी के बीच दिव्यांग बेटी की हिफाजत में सरहद पर रात भर जागती है मां

Thu, 27 Oct 2016 12:33 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Thu, 27 Oct 2016 12:33 AM IST
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mother wakes up whole night to save life of her disabled daughter in arania
सरहद पर बेटी की हिफाजत में जागती हैं अनिता - फोटो : Amar Ujala

पाकिस्तानी गोलाबारी से से जान बचाने के लिए एक ओर सीमावर्ती गांव के लोग सुरक्षित ठिकानों पर जा रहे थे, वहीं सरहद से बेहद करीब बसे रख गांव का एक परिवार चाहते हुए भी घर नहीं छोड़ सकता। गोलाबारी के बीच अपनी दिव्यांग बेटी को सीने से लगाकर अनीता देवी हर रोज सलामती की दुआ करती है।

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रुंधे स्वर में अनीता देवी कहती हैं कि जब भी पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी होती है तो गांवों के लोगों को जान बचाने के लिए अचानक भागना पड़ता है। लेकिन ग्यारह वर्षीय दिव्यांग बेटी अमृता रानी को लेकर कहां जाएं। उसे लेकर तो भागना मुश्किल है। जिंदगी बचाने के लिए वह बेटी को लेकर घर के एक कोने में दुबक जाती हैं। 
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उन्होंने बताया कि उनकी बेटी बचपन से ही दिव्यांग है। वह न तो उठ सकती है और न ही दो कदम पैदल चल सकती है। वह दो पहिया वाहन पर भी नहीं बैठ पाती है।

सीमा से 500 मीटर दूरी पर है घर

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सीमा पर तैनात जवान - फोटो : File Photo

उन्होंने बताया कि घर की आर्थिक स्थित ऐसी नहीं है कि कोई वाहन खरीद सकें, जिससे कि अचानक में सुरक्षित निकला जा सके। उन्होंने बताया कि सीमा से सिर्फ पांच सौ मीटर दूरी पर बसे रख गांव में चार पहिया वाहन की कोई सुविधा तक नहीं है। उन्होंने बताया कि अमृता मोटरसाइकिल पर बैठ नहीं सकती।

ऐसे में उसे छोड़कर कहीं जाना संभव नहीं है। इस हाल में गोलाबारी का खामियाजा परिवार को भुगतना पड़ता है। मजबूत हौसला लिए अनीता ने कहा कि बेटी को अकेला छोड़कर कहीं जाने का सवाल ही नहीं। वह आखिरी सांस तक गोलाबारी के बीच बेटी के साथ बनी रहेंगी। 

अब 120 एमएम मोर्टार के गोले दाग रहा पाकिस्तान

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भारत-पाक सीमा - फोटो : File Photo

पाकिस्तान द्वारा दिन-रात की जा रही गोलाबारी ने सीमावर्ती ग्रामीणों की जान आफत में डाल दी है। अब वह न तो रात को घरों में रुक पा रहे हैं और न ही दिन को। दिन की गोलाबारी के चलते ग्रामीणों को मवेशियों से हाथ धोना पड़ रहा है। पाकिस्तान ने मंगलवार की रात को अरनिया सेक्टर के करीब 32 गांवों को निशाना बनाकर गोले दागे।

रेंज बढ़ाकर पाकिस्तान अब 84 से 120 एमएम मोर्टार के गोले दाग रहा है। इससे कई ग्रामीणों के मवेशी मारे गए। गोलाबारी के डर से बुधवार को अरनिया क्षेत्र के करीब 30 गांवों के अधिकतर लोगों ने विस्थापन किया है। शेष ग्रामीण भी विस्थापन की तैयारी कर रहे हैं।

क्षेत्र के मोहन लाल, नीरज, बाबूराम, रामलाल, सोहन लाल ने कहा कि वह कमरों और स्टोरों में पूरी रात छिपे रहे। बुधवार को दिन में भी यही हालात रहे।

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