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जम्मू-कश्मीर: ATM में अभी भी नोटों का सूखा, कई बैंक नहीं बदल रहे करेंसी
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Thu, 17 Nov 2016 10:56 PM IST
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बैंकों के बाहर जुटी भीड़
- फोटो : amar ujala
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नोटबंदी की दुश्वारियां खत्म होने का नाम नहीं ले रहीं। वीरवार को भी रियासत के ज्यादातर एटीएम कुछ ही घंटों में सूख गए। कई बैंकों ने भी छोटे नोट उपलब्ध न होने की बात कहकर नोट बदलने से मना कर दिया।
अलबत्ता पुराने नोट खातों में जमा कराने वालों का तांता लगा रहा। खातों से निकासी की प्रक्रिया भी जारी रही। बैंकों में भीड़ का दबाव धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन एटीएम से रकम न निकल पाने से लोग बेहद परेशान हैं। खुदरा बाजार और रेहड़ी वालों के कारोबार पर सबसे ज्यादा मार पड़ी है।
शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक में बैंकों के भीतर और बाहर का हाल बहुत कुछ पहले जैसा है। कहीं नोट बदलने में दिक्कतें तो कहीं पैसा जमा करवाने और अपना ही पैसा निकालने की परेशानी। एटीएम व्यवस्था में सुधार के दावों के बावजूद ज्यादातर एटीएम खाली हैं।
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अलबत्ता पुराने नोट खातों में जमा कराने वालों का तांता लगा रहा। खातों से निकासी की प्रक्रिया भी जारी रही। बैंकों में भीड़ का दबाव धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन एटीएम से रकम न निकल पाने से लोग बेहद परेशान हैं। खुदरा बाजार और रेहड़ी वालों के कारोबार पर सबसे ज्यादा मार पड़ी है।
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शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक में बैंकों के भीतर और बाहर का हाल बहुत कुछ पहले जैसा है। कहीं नोट बदलने में दिक्कतें तो कहीं पैसा जमा करवाने और अपना ही पैसा निकालने की परेशानी। एटीएम व्यवस्था में सुधार के दावों के बावजूद ज्यादातर एटीएम खाली हैं।
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सरकार की घोषणाओं से किसान खुश
नोट बंदी से परेशान लोग
- फोटो : amar ujala
किसानों और शादी वाले घराें को राहत देने के लिए की गई घोषणा पर भी लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया सामने आई। किसी ने कहा छोटे किसानों के लिए 25 हजार रुपये की लिमिट पर्याप्त है, लेकिन बड़े किसानों के लिए यह सीमा ज्यादा होना चाहिए।
हीरानगर के तरसेम कुमार ने कहा शादी ब्याह का खर्च 2.5 लाख रुपये से कहीं ज्यादा होता है। उन्हें सात से आठ लाख की जरूरत है तो ढाई लाख का प्रावधान ऊंट के मुंह में जीरा समान ही तो है। उधमपुर में किसानों ने कहा, रबी सीजन की बुआई के लिए तो 25 हजार रुपये पर्याप्त हैं, लेकिन औजार खरीदने वाले कहां जाएं।
जम्मू के टाउन हाल स्थित जेके बैंक में लगी कतार में ज्यादातर लोग अपनी पास बुक दिखाकर पैसे निकलवाने आए थे। टाउन हाल में अधिकतर निगम के कर्मचारी ही हैं, जिन्हें अपना वेतन निकलवाना था। डोगरा हाल निवासी अशोक अरोड़ा के मुताबिक हरी मार्केट स्थित एचडीएफसी बैंक में कुछ घंटों के बाद ही कैश खत्म हो गया, जबकि लोग घंटों से इंतजार कर रहे थे।
एसबीआई, पीएनबी, जेके बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई आदि बैंकों के एटीएम का भी यही आलम रहा। कठुआ, उधमपुर, सांबा, राजोरी, पुंछ आदि जिलों में भी यही स्थिति है। कतार में लगे लोगों में कुछ केंद्र सरकार को कोस रहे हैं तो कुछ मुतमईन हैं कि इस सारी कवायद से हालात जरूर बदलेंगे।
हीरानगर के तरसेम कुमार ने कहा शादी ब्याह का खर्च 2.5 लाख रुपये से कहीं ज्यादा होता है। उन्हें सात से आठ लाख की जरूरत है तो ढाई लाख का प्रावधान ऊंट के मुंह में जीरा समान ही तो है। उधमपुर में किसानों ने कहा, रबी सीजन की बुआई के लिए तो 25 हजार रुपये पर्याप्त हैं, लेकिन औजार खरीदने वाले कहां जाएं।
जम्मू के टाउन हाल स्थित जेके बैंक में लगी कतार में ज्यादातर लोग अपनी पास बुक दिखाकर पैसे निकलवाने आए थे। टाउन हाल में अधिकतर निगम के कर्मचारी ही हैं, जिन्हें अपना वेतन निकलवाना था। डोगरा हाल निवासी अशोक अरोड़ा के मुताबिक हरी मार्केट स्थित एचडीएफसी बैंक में कुछ घंटों के बाद ही कैश खत्म हो गया, जबकि लोग घंटों से इंतजार कर रहे थे।
एसबीआई, पीएनबी, जेके बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई आदि बैंकों के एटीएम का भी यही आलम रहा। कठुआ, उधमपुर, सांबा, राजोरी, पुंछ आदि जिलों में भी यही स्थिति है। कतार में लगे लोगों में कुछ केंद्र सरकार को कोस रहे हैं तो कुछ मुतमईन हैं कि इस सारी कवायद से हालात जरूर बदलेंगे।