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लेह में फील्ड फायरिंग के दौरान मोर्टार फटने से एक जवान शहीद, दो गंभीर रूप से घायल
Thu, 11 Jul 2019 12:00 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Thu, 11 Jul 2019 12:00 AM IST
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सिपाही गुरप्रीत सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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जम्मू-कश्मीर में लेह के पास फील्ड फायरिंग के दौरान 81 एमएम मोर्टार का बैरल फटने से एक सैनिक की जान चली गई जबकि दो अन्य घायल हो गए। सभी सैनिक लद्दाख में तैनात इन्फेंट्री की टुकड़ी के थे। सेना ने घटना की जांच का आदेश दिया है।
सूत्रों की मानें तो अभ्यास के दौरान सिपाही गुरप्रीत, मनरूप और संदीप की टीम ने बैरल में गोला भरने के बाद जब ट्रिगर दबाया तो गोला नहीं फटा और बैरल में ही फंसा रहा। इसके बाद गोला अचानक फट गया और उसकी चपेट में गुरप्रीत, मनरूप और संदीप आ गए। गुरप्रीत सिंह की हालत ज्यादा गंभीर थी, उन्हें लेह अस्पताल पहुंचाया गया, जहां गुरप्रीत ने दम तोड़ दिया।
24 वर्षीय गुरप्रीत सिंह लालड़ू के गांव धर्मगढ़ का सिपाही था जिसकी मौत की खबर सुनते ही गांव व पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। गुरुवार सुबह हवाई जहाज से जवान का पार्थिव शरीर लेह से चंडीगढ़ के बाद गांव पहुंचेगा जहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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गुरप्रीत सिंह पुत्र धर्मपाल सिंह गांव धर्मगढ़ से 5 साल पहले 2014 में सिख रेजिमेंट की यूनिट नंबर 6 में बतौर सिपाही भर्ती हुए थे। कुछ साल बठिंडा में बिताने के बाद वह बीते साल लेह शिफ्ट हुए थे। लेह से ऊपर लिंबू में मोर्टर फायरिंग का अभ्यास कैंप चल रहा था। कैंप का आखिरी दिन था। गुरप्रीत सिंह आरसीएल चला रहे थे।
पारिवारिक सदस्यों ने बताया कि मंगलवार शाम करीब 4 बजे आए फोन से पता चला कि गुरप्रीत हादसे में जख्मी हो गया है और उन्हें इलाज के लिए लेह अस्पताल ले जाया गया है। शाम 7 बजे फोन आया कि गुरप्रीत को बचा नहीं पाए।
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सूत्रों की मानें तो अभ्यास के दौरान सिपाही गुरप्रीत, मनरूप और संदीप की टीम ने बैरल में गोला भरने के बाद जब ट्रिगर दबाया तो गोला नहीं फटा और बैरल में ही फंसा रहा। इसके बाद गोला अचानक फट गया और उसकी चपेट में गुरप्रीत, मनरूप और संदीप आ गए। गुरप्रीत सिंह की हालत ज्यादा गंभीर थी, उन्हें लेह अस्पताल पहुंचाया गया, जहां गुरप्रीत ने दम तोड़ दिया।
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24 वर्षीय गुरप्रीत सिंह लालड़ू के गांव धर्मगढ़ का सिपाही था जिसकी मौत की खबर सुनते ही गांव व पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। गुरुवार सुबह हवाई जहाज से जवान का पार्थिव शरीर लेह से चंडीगढ़ के बाद गांव पहुंचेगा जहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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गुरप्रीत सिंह पुत्र धर्मपाल सिंह गांव धर्मगढ़ से 5 साल पहले 2014 में सिख रेजिमेंट की यूनिट नंबर 6 में बतौर सिपाही भर्ती हुए थे। कुछ साल बठिंडा में बिताने के बाद वह बीते साल लेह शिफ्ट हुए थे। लेह से ऊपर लिंबू में मोर्टर फायरिंग का अभ्यास कैंप चल रहा था। कैंप का आखिरी दिन था। गुरप्रीत सिंह आरसीएल चला रहे थे।
पारिवारिक सदस्यों ने बताया कि मंगलवार शाम करीब 4 बजे आए फोन से पता चला कि गुरप्रीत हादसे में जख्मी हो गया है और उन्हें इलाज के लिए लेह अस्पताल ले जाया गया है। शाम 7 बजे फोन आया कि गुरप्रीत को बचा नहीं पाए।