मेनका गांधी ने कश्मीर जा रहे 100 ट्रकों को रुकवाया
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ईद से ठीक पहले भेड़ों को लेकर कश्मीर जा रहे सौ ट्रकों को राज्य के प्रवेशद्वार लखनपुर में रोके जाने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मंगलवार से रोके गए इन ट्रकों को बुधवार सुबह ग्यारह बजे तक प्रवेशद्वार पर बने पशुपालन विभाग के जांच केंद्र में रोके रखा गया।
वाहन चालकों ने विभाग की लापरवाही से वाहन में ही पशुओं के मरने और माल खराब होने पर जमकर हंगामा किया। उन्होंने पंजाब और राज्य सरकार पर वाहन चालकों को परेशान करने का आरोप लगाते हुए ईद से पहले इस तरह की कार्रवाई को गलत करार दिया है।
वाहन चालकों की गुहार के बाद कश्मीर संभाग के मंत्रियों के हस्तक्षेप से ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के आदेश को फिलहाल आधार बनाकर वाहनों में 135 भेड़ों को ले जाने की अनुमति दे दी गई।
इसके बाद दोपहर बारह बजे वाहन चालक नियमों के अनुसार प्रति ट्रक 135 भेड़ें लेकर घाटी की ओर रवाना हो गए। गौरतलब है कि ईद से पहले देश के विभिन्न हिस्सों से कश्मीर के लिए भेड़ों की सप्लाई की जाती है। इस दौरान बड़ी संख्या में भेड़ें विभिन्न मंडियों से राज्य में लाने का सिलसिला शुरू हो जाता है।
सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन को लागू करने के आदेश
पशुपालन विभाग के लखनपुर जांच सेंटर में तैनात डॉ. सतवीर सिंह ने बताया कि एनिमल क्रूएलिटी एक्ट के तहत एसआरओ 127 वर्ष 2007 में जारी हुआ था। इसमें 135 भेड़ों को एक ट्रक में ले जाने की अनुमति दी गई है।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय कैबिनेट मंत्री मेनका गांधी ने उन्हें मंगलवार को फोन कर सुप्रीम कोर्ट की नई गाइडलाइन को लागू करवाने को कहा, जिसके मुताबिक एक वाहन में सिर्फ 40 भेड़ों को ही ले जाने की अनुमति है।
गैर सरकारी संस्थाओं की ओर से भी इस नियम को लागू करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इसके बाद ही वाहन चालकों को लखनपुर में अतिरिक्त लोड किए गए भेड़ों को उतारने का कहा गया।
उन्होंने बताया कि जिला उपायुक्त और जिला पुलिस प्रमुख ने भी कहा है कि एक ट्रक में 40 से अधिक भेडें न जाने दी जाएं। डॉ. सिंह ने बताया कि ईद को ध्यान में रखते हुए फिलहाल ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के पुराने आर्डर को ही ईद तक के लिए लागू किया गया है।