'छेड़छाड़ कोई बड़ा मसला नहीं है, बाद में बात करेंगे'
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गांधीनगर अस्पताल के एक डॉक्टर को महिला से छेड़छाड़ के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सोमवार को आरोपी डॉक्टर के पास इलाज कराने आई एक महिला ने शिकायत की थी कि डॉक्टर ने उसके साथ बदसूलकी की है। मामले में एफआईआर के बाद पुलिस ने डॉक्टर को हिरासत में ले लिया है।
चौंकाने वाली बात ये है कि जब इस बारे में महिला आयोग की चैयरपर्सन शमीमा फिरदोस से बात की गई तो उन्होंने कहा, फिलहाल छेड़छाड़ कोई बड़ा मसला नहीं है, अभी बाढ़ पर ध्यान दिया जाना चाहिए, इस मुद्दे पर हम बाद में बात कर सकते हैं।
दो दिन में कमेटी रिपोर्ट देगी
गांधीनगर अस्पताल में एक महिला मरीज के साथ गायनी के डाक्टर द्वारा छेड़छाड़ के मामले में जांच के लिए स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है।
कमेटी दो दिन में अपनी रिपोर्ट देगी। स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डा. बलजीत सिंह पठानिया के अनुसार कमेटी में उपनिदेशक हेडक्वार्टर जम्मू डा. गुरजीत सिंह, सहायक निदेशक हेल्थ सर्विस स्कीम जम्मू डा. अरविंद रैना और मेडिकल आफिसर, एनसीसी सेल जम्मू डा. भावना लंगर शामिल हैं।
डाक्टर को फिलहाल स्वास्थ्य निदेशालय में अटैच किया गया है। रिपोर्ट आने के बाद निलंबन पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं देने के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। अस्पताल में मंगलवार को स्टाफ के बीच यह मामला चर्चा का विषय रहा।
अभी बाढ़ बड़ा मुद्दा है
एक तरफ महिला सशक्तिकरण की बातें की जाती हैं, वहीं दूसरी तरफ महिला शोषण के अधिकतर मामले सामने ही नहीं आने दिए जाते हैं। गाड़ियों में, स्कूलों, कालेजों, कार्यालयों और राह चलते कई बार महिलाओं को छेड़छाड़ का सामना करना पड़ता है, लेकिन ऐसे मामलों की कभी रिपोर्ट नहीं की जाती है।
ईव टीजिंग के कुल पांच प्रतिशत मामले भी सामने नहीं आते हैं। महिला आयोग की चेयरपर्सन शमीमा फिरदोस भी हाल ही में इस बात को उठा चुकी हैं कि महिला कहीं पर भी सुरक्षित नहीं हैं। आज जब इस मामले में टिप्पणी के लिए उनसे बात की गई तो उन्होंने इस पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दी।
उन्होंने कहा, अभी बाढ़ का मुद्दा बड़ा है, इन मुद्दों पर हम फिर भी बात कर सकते हैं। वूमन सेल जम्मू की इंचार्ज आरती ठाकुर इस संदर्भ में कहती हैं, महिला पुलिस स्टेशन में बहुत कम ऐसे मामले आते हैं जो ईव टीजिंग अर्थात छेड़छाड़ से जुड़े होते हैं। वह कहती हैं, कई बार मां-बाप भी ऐसे मामलों को सामने नहीं लाते हैं और कई बार तो स्वयं महिलाएं भी इन्हें अनदेखा कर जाती हैं।