सांसदों ने गोद लिए नौ गांव, बनाएंगे आदर्श ग्राम
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सोमवार को सांसद आदर्श ग्राम योजना की बैठक में गांवों को चयनित किए जाने की जानकारी दी गई। इसमें योजना को त्वरित गति और पारदर्शी तरीके से पूरा करने पर बल दिया गया।
चयनित गांवों में पुलवामा के नेवा, गांदरबल के मनिगाम, बारामुला के कालियाबन, कुपवाड़ा के लिटरवन, शोपियां के मलहोर, लेह के हानु, डोडा के बरठी, सांबा के संगवाली और जम्मू के मतवार गांव को सांसदों ने गोद लिया है।
उधमपुर से सांसद और पीएमओ में राज्यमंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना को गंभीरता से लेते हुए डोडा जिले के खेलानी और सांबा जिले के संगवाली गांव को गोद लिया है।
इसी तरह लद्दाख से सांसद थुपस्तान चिवांग ने लेह जिले के हानु (खालसी ब्लाक), राज्यसभा सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने डोडा जिले के गंदोह के बरथी और नेकां सांसद जीएन रतनपुरी ने पुलवामा जिले के नेवा गांव को गोद लिया है।
रियासत में लोकसभा में भाजपा के तीन तथा पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के तीन-तीन सांसद हैं। राज्यसभा में नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) तथा कांग्रेस के दो-दो प्रतिनिधि हैं।
गांवों को गोद लेने में ये सांसद रहे आगे
उधमपुर से सांसद और पीएमओ में राज्यमंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना को गंभीरता से लेते हुए डोडा जिले के खेलानी और सांबा जिले के संगवाली गांव को गोद लिया है।
इसी तरह लद्दाख से सांसद थुपस्तान चिवांग ने लेह जिले के हानु (खालसी ब्लाक), राज्यसभा सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने डोडा जिले के गंदोह के बरथी और नेकां सांसद जीएन रतनपुरी ने पुलवामा जिले के नेवा गांव को गोद लिया है।
क्या है योजना
प्रधानमंत्री ने लोकनायक जयप्रकाश के जन्मदिन पर 11 अक्टूबर को आदर्श ग्राम योजना का शुभारंभ किया था। उद्देश्य यह है कि गांवों में मूलभूत सुविधाओं का सांसद निधि से विकास किया जाए।
इसके तहत मार्च 2019 तक तीन आदर्श गांव बनाने का लक्ष्य रखा गया। इसमें से एक गांव को 2016 तक विकसित किया जाना है। 2024 तक प्रत्येक साल एक एक गांव को आदर्श गांव के रूप में विकसित करने का खाका खींचा गया है।