लद्दाख की शक्ति और भक्ति पर मोदी की पैनी नजर
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1999 में हुए कारगिल संघर्ष के बाद कारगिल स्टेडियम में स्थानीय अवाम को संबोधित करने वाले नरेंद्र मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री बन गए। मोदी ने लद्दाख दौरे के दौरान स्थानीय अवाम की शक्ति और देश भक्ति के पूरे सम्मान और इस्तेमाल का वादा किया।
चीन और पीओके से सटे इस सरहदी इलाके में मोदी ने स्थानीय अवाम को विश्वास दिलाया कि जम्मू-कश्मीर के इस पिछड़े खित्ते के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। जम्मू कश्मीर में जारी वर्ष में विधानसभा चुनाव भी प्रस्तावित हैं।
लद्दाख में पहली दफा भाजपा सांसद निर्वाचित हुए हैं। लिहाजा सियासी दृष्टि से भी मोदी के लद्दाख के दौरे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मोदी के दौरे से अवाम और सेना का मनोबल बढ़ा
मोदी ने गुजरात में अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के तजुर्बे के हवाले से स्थानीय अवाम को विकास का मंत्र दिया। बिजली उत्पादन में बढ़ोतरी और इसके जरिये लद्दाख में लघु उद्योगों को स्थापित करने का पाठ अवाम को पढ़ाया।
मोदी के इस दौरे से जाहिर तौर पर सरहदी इलाके में अवाम और सेना का मनोबल बढ़ा। मोदी का पाकिस्तान को मौखिक और चीन को कूटनीतिक संदेश भी इस दौरे के जरिये गया।
हिमालयन स्टेट का बार-बार जिक्र कर मोदी ने चीन से सटी पूरी हिमालयन बेल्ट में विकास, पहाड़ों के पानी और जवानी के राष्ट्रहित में इस्तेमाल का संकेत दिया।
इससे पूर्व मोदी ने नेपाल की संसद को संबोधित करते हुए भी इन बातों का उल्लेख किया था।
मोदी ने ताशी नामग्याल को सराहा
प्रदेश भाजपा प्रभारी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के नाते लेह और कारगिल जिलों के दौरे के दौरान हासिल तजुर्बे को भी मोदी ने लेह और कारगिल के अवाम से साझा किया।
उन्होंने लेह में 1999 में कारगिल में भारतीय इलाके में घुसपैठ करने वाले पाकिस्तानी सैनिकों की सूचना देने वाले ताशी नामग्याल को सराहा।
कारगिल में मोदी ने टाइगर हिल पर भारतीय सेना की फतह को स्थानीय अवाम द्वारा मनाए गए जश्न के उन लम्हों को याद किया।
'आज भी याद है टाइगल हिल फतह का जश्न'
नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह खुशकिस्मत हैं कि उन्हें लेह और कारगिल में स्थानीय अवाम को संबोधित करने का मौका मिला।
खासकर कारगिल में बम धमाकों की जगह भाइयों और बहनों की तालियों की गड़गड़ाहट रही। मोदी ने कहा कि उन्होंने लेह और कारगिल के अवाम का पाकिस्तान के साथ संघर्ष के दिनों में देश की सेना का योगदान देते देखा है।
आज भी उन्हें याद है कि टाइगल हिल फतह होने पर कारगिल के लोगों ने किस प्रकार भव्य जश्न मनाया था।
विस्थापितों के पुनर्वास को प्राथमिकता दी जाएगी
मोदी ने स्थानीय अवाम को संदेश दिया कि हम मिलकर भारत का भाग्य बदल सकते हैं।
लद्दाख ही नहीं, बल्कि देश का कोई भी कोना सड़क, वायु एवं रेल मार्ग से जुड़ने से वंचित नहीं रहना चाहिए। लेकिन प्राथमिकता रोजगार को दी जाएगी।
रियासती दौरे के दौरान मोदी ने कहा कि जम्मू कश्मीर के बीस फीसदी आबादी आज विस्थापित है। उसके पुनर्वास को भी प्राथमिकता दी जाएगी।