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कश्मीर हिंसा: हमले के डर से घर नहीं जा रहे हैं मंत्री और विधायक
बृजेश कुमार सिंह, अमर उजाला/जम्मू
Updated Fri, 09 Sep 2016 11:56 AM IST
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घाटी में हिंसा
- फोटो : PTI
आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में भड़की हिंसा के बीच हमले के डर से कश्मीर के कई विधायकों ने श्रीनगर में ही सुरक्षा घेरे में डेरा जमा रखा है।
इनमें से ज्यादातर पिछले कई दिनों से अपने पैतृक आवास पर नहीं गए हैं। इनमें पीडीपी के अलावा नेकां और कांग्रेस के विधायक भी शामिल हैं।
घाटी में कई विधायकों के घरों पर प्रदर्शनकारी हमला कर चुके हैं। कई मंत्रियों को भी इनके गुस्से का सामना करना पड़ा है।
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इनमें से ज्यादातर पिछले कई दिनों से अपने पैतृक आवास पर नहीं गए हैं। इनमें पीडीपी के अलावा नेकां और कांग्रेस के विधायक भी शामिल हैं।
घाटी में कई विधायकों के घरों पर प्रदर्शनकारी हमला कर चुके हैं। कई मंत्रियों को भी इनके गुस्से का सामना करना पड़ा है।
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सीएम के कहने के बाद भी जनता से नहीं मिल रहे विधायक
kashmir
- फोटो : PTI
सभी विधायकों को श्रीनगर में सरकारी आवास आवंटित हैं। यहां सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था है। वे कामकाज के सिलसिले में ज्यादातर समय श्रीनगर में ही रहते हैं, लेकिन सप्ताह में एक या दो दिनों के लिए अपने पैतृक आवास पर जाते रहे हैं। दो महीने से भड़की हिंसा के बाद विधायकों ने पैतृक आवास पर जाना बंद कर दिया है।
उन्हें भीड़ के गुस्से का डर सता रहा है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की अपील के बाद भी विधायकों तथा मंत्रियों ने क्षेत्र में लोगों के बीच जाना शुरू नहीं किया है।
कुछ मंत्रियों ने यह कोशिश शुरू की थी, लेकिन उन्हें लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। हालांकि, विधायकों का कहना है कि मौजूदा माहौल को देखते हुए एहतियातन उन्होंने क्षेत्र का रुख नहीं किया है, ताकि अनावश्यक रूप से माहौल न बिगड़ने पाए। लोगों में गुस्सा है। ऐसे में बात कहीं बिगड़ न जाए, इसका ख्याल रखा जा रहा है।
उन्हें भीड़ के गुस्से का डर सता रहा है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की अपील के बाद भी विधायकों तथा मंत्रियों ने क्षेत्र में लोगों के बीच जाना शुरू नहीं किया है।
कुछ मंत्रियों ने यह कोशिश शुरू की थी, लेकिन उन्हें लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। हालांकि, विधायकों का कहना है कि मौजूदा माहौल को देखते हुए एहतियातन उन्होंने क्षेत्र का रुख नहीं किया है, ताकि अनावश्यक रूप से माहौल न बिगड़ने पाए। लोगों में गुस्सा है। ऐसे में बात कहीं बिगड़ न जाए, इसका ख्याल रखा जा रहा है।
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ये मंत्री-विधायक हो चुके हैं गुस्से का शिकार
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- फोटो : PTI
रियासत के शिक्षा मंत्री नईम अख्तर तथा ग्रामीण विकास मंत्री अब्दुल हक खान को लोगों के गुस्से का शिकार बनना पड़ा। बाद में इन्हें अतिरिक्त पुलिस बल भेजकर सुरक्षित निकालना पड़ा था।
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को भी दो दिन पहले कुलगाम में लोगों का विरोध झेलना पड़ा। उनके समक्ष नारेबाजी की गई।
इससे पहले श्रीनगर के एक परीक्षा केंद्र में भी उन्हें नारेबाजी सुननी पड़ी थी। स्वास्थ्य राज्य मंत्री आसिया नक्काश के घर पर पथराव किया गया।
इसके साथ ही बांदीपोरा के विधायक उस्मान मजीद, त्राल विधायक मुश्ताक अहमद शाह के घर पर प्रदर्शनकारियों ने हमला किया। पुलवामा विधायक के काफिले पर भी पथराव किया गया। इस दौरान उनकी गाड़ी दुर्घटना का शिकार हो गई जिसमें वे बुरी तरह घायल हो गए।
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को भी दो दिन पहले कुलगाम में लोगों का विरोध झेलना पड़ा। उनके समक्ष नारेबाजी की गई।
इससे पहले श्रीनगर के एक परीक्षा केंद्र में भी उन्हें नारेबाजी सुननी पड़ी थी। स्वास्थ्य राज्य मंत्री आसिया नक्काश के घर पर पथराव किया गया।
इसके साथ ही बांदीपोरा के विधायक उस्मान मजीद, त्राल विधायक मुश्ताक अहमद शाह के घर पर प्रदर्शनकारियों ने हमला किया। पुलवामा विधायक के काफिले पर भी पथराव किया गया। इस दौरान उनकी गाड़ी दुर्घटना का शिकार हो गई जिसमें वे बुरी तरह घायल हो गए।