फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   mehbooba mufti speaks in srinagar

कश्मीर में बैठे कई लोग करते हैं पाकिस्तान के निर्देश पर काम: महबूबा मुफ्ती

Sat, 17 Jun 2017 11:12 PM IST
amarujala.com -Written by: श्रेयांश त्रिपाठी
amarujala.com -Written by: श्रेयांश त्रिपाठी Updated Sat, 17 Jun 2017 11:12 PM IST
विज्ञापन
mehbooba mufti speaks in srinagar
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती - फोटो : File Photo

मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि बंदूक और फौज से घाटी में अमन नहीं होगा। अलगाववादियों समेत सभी पक्षों से बातचीत से ही कश्मीर मसले का समाधान हो सकता है। यही एकमात्र हल है। महबूबा ने घाटी के खराब हालात के लिए कांग्रेस और नेकां को जिम्मेदार ठहराया।

विज्ञापन


उन्होंने पाकिस्तान के निर्देश पर हो रहे खून-खराबे को जम्हूरियत का गला घोंटने की साजिश करार दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पाकिस्तान से संबंध बनाने की शुरुआती कोशिशों की सराहना की और पठानकोट कांड के लिए पाक को कोसा।
विज्ञापन


विधानसभा में शोक प्रस्ताव की चर्चा शिरकत के दौरान महबूबा ने कहा कि जम्हूरियत में बातचीत को हमेशा तरजीह दी जाती है, लेकिन जब 12 साल का बच्चा पत्थर लेकर आर्मी कैंप पहुंच जाता है और युवा एसएचओ को बेरहमी से मारा जाता है तो जम्हूरियत का गला घोंटा जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि क्या यह सच नहीं है कि पाकिस्तान से बंदूक लेकर लोग यहां आ जाते हैं और खून-खराबा करते हैं। कश्मीर में बैठे कई लोग पाकिस्तान के निर्देश पर काम करते हैं। उन्होंने संदर्भ में यासीन मलिक का नाम भी लिया।

नेशनल कांफ्रेंस पर साधा निशाना

mehbooba mufti speaks in srinagar
मुख्यमंत्री महबूबा - फोटो : File Photo

महबूबा ने कहा कि वाजपेयी के जमाने में बातचीत हुई थी। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने एकतरफा युद्ध विराम घोषित किया था, लेकिन पाकिस्तान ने इसे नहीं माना। प्रधानमंत्री मोदी लाहौर गए। यह संदेश था। एक पहल थी। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इच्छा के बावजूद अपना घर तक देखने लाहौर नहीं जा सके थे। मोदी ने अच्छी पहल की, लेकिन पाक ने बदले में पठानकोट दिया।

उन्होंने नेशनल कांफ्रेंस से कहा कि जब वे सरकार में थे तो उनके मुख्यमंत्री ने कहा था कि अलगाववादियों से बातचीत नहीं होनी चाहिए। उन्हें दरिया में डुबो देना चाहिए। अब वे ही बातचीत की वकालत कर रहे हैं।

नेकां के मुख्यमंत्री ने तब कहा था कि अगर अलगाववादियों से बात हुई तो वे हिंदुस्तान के खिलाफ झंडा उठा लेंगे। आज अलगाववादियों के हिमायती हैं। केंद्र की सर्वदलीय टीम आई तब अलगाववादियों ने बात नहीं की। हमें भी दुत्कारा।

'पहले चुपके से होते थे दस्तखत'

mehbooba mufti speaks in srinagar
मुख्यमंत्री महबूबा - फोटो : File Photo
महबूबा ने कहा कि नौशेरा, राजोरी और पुंछ में फायरिंग हो रही है। बार्डर पर तनाव है। पहले जब सेना की आतंकियों से मुठभेड़ होती थी, तब आसपास के चार-पांच गांवों के लोग गांव छोड़कर भाग जाते थे। वह स्टेट टेरेरिज्म था। आज तो मुठभेड़ के दौरान बच्चे पत्थर उठा लेते हैं। यह जम्हूरियत को बताता है। अब स्टेट टेरेरिज्म नहीं है।

महबूबा ने कहा कि पहले केंद्र के आदेश पर यहां के मुख्य सचिव से चुपके से दस्तखत करा लिया जाता था। कभी विधानसभा में चर्चा नहीं की गई। अब उनकी सरकार ने जीएसटी पर विधानसभा सत्र बुलाकर सदन की शक्ति बढ़ाने का काम किया है। हम सदन को सशक्त बनाना चाहते हैं। जीएसटी पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए। इसके फायदे और नुकसान की भरपाई पर चर्चा के लिए समय बढ़ाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed