महबूबा ने पिता मुफ्ती की कब्र पर मांगी दुआ
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पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के चालीसवां पर सोमवार को पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने पारिवार के सदस्यों के साथ बिजबिहाड़ा स्थित मुफ्ती की कब्र पर पहुंचकर फातिहा पढ़ा।
जम्मू में पीडीपी मुख्यालय के बाहर श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पीडीपी नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में जुटे और अपने प्रिय नेता को श्रद्धांजलि दी। महबूबा मां नुसरत आरा, भाई तसद्दुक, बहन रुबिया और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बिजबिहाड़ा के दारा-शिकोह पार्क में पहुंची थीं।
पीडीपी के नईम अख्तर, अब्दुल हक खान, अब्दुल रहमान वीरी, महबूब बेग के अलावा अन्य पार्टी नेता भी मौजूद रहे। हालांकि भाजपा का कोई भी नेता नहीं था। तारिक हमीद कर्रा भी नहीं दिखे।
महबूबा को सुबह 10 बजे उनकी कब्र पर पहुंचना था लेकिन, वह पारिवार के सदस्यों के साथ नौ बजे ही पहुंच गई थीं। कुछ समय वहां रुकने के बाद वह लौट गईं। उनके जाने के बाद लोगों के कब्र पर पहुंचने का तांता लगा रहा।
कर्रा को छोड़ पार्टी के अन्य नेता रहे मौजूद
मुफ्ती की कब्र पर महबूबा के पहुंचने के कार्यक्रम को देखते हुए श्रीनगर से बिजबिहाड़ा तक सुरक्षा के चाक चौबंद प्रबंध किए गए थे। उधर, जम्मू में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बेग ने कहा कि मुफ्ती जैसे दूरदर्शी नेता के चले जाने से रियासत को ही नहीं पूरे देश को नुकसान हुआ है।
देश में धर्म के नाम पर बन रहा माहौल ठीक नहीं है। कोई भी धर्म हिंसा का मार्ग नहीं सिखाता। उन्होंने कहा मुफ्ती सईद को सबसे बड़ी श्रद्धांजलि यही होगी कि राज्य के लोग संकल्प लें कि धर्म के नाम पर नफरत नहीं होने देंगे।
पुलवामा में गोली लगने से युवक युवती की मौत पर गहरा दुख प्रकट करते हुए बेग का गला भर आया। उन्होंने कहा सड़कें, पुल बन सकते हैं लेकिन इंसान बनाना मुश्किल है। हालांकि बेग ने कहा कि मातम का समय अब खत्म हो गया। अब पीडीपी नेता व कार्यकर्ता काम में जुट जाएं।