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Jammu News: लद्दाख सब कमेटी की अगली बैठक चार को, कानूनी विशेषज्ञ भी होंगे शामिल

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meeting of Ladakh sub committee
जम्मू-लेह। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लद्दाख के मुद्दों पर बनाई गई सब कमेटी की अगली बैठक 4 मार्च को बुलाई है। वार्ता में सुझाव देने के लिए दोनों पक्षों के कानूनी विशेषज्ञों के भाग लेने की संभावना है। कानूनी विशेषज्ञ छठी अनुसूची के कुछ प्रावधानों के कार्यान्वयन को लेकर अपनी राय मीटिंग में रखेंगे। सब कमेटी की पहली बैठक 24 फरवरी को हुई थी और इसमें केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला के अलावा कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस और लेह एपेक्स बॉडी के तीन-तीन सदस्यों सहित कमेटी के सभी सदस्यों ने भाग लिया था। बैठक में लद्दाख प्रशासन की ओर से उपराज्यपाल लद्दाख के सलाहकार डॉ. पवन कोतवाल शामिल हुए। सूत्रों ने बताया कि केंद्र लद्दाख के प्रमुख मुद्दों को शीघ्रता से हल करने का इच्छुक है। चार मार्च को गृह मंत्रालय द्वारा बुलाई गई बैठक लगभग तीन महीनों में एलएबी और केडीए प्रतिनिधियों के साथ चौथी बैठक होगी। ग्रह राज्य मंत्री नित्यानंद राय की अध्यक्षता में उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की दो बैठकें 4 दिसंबर और 19 जनवरी को नई दिल्ली में आयोजित की गईं। जबकि उप समिति की बैठक 24 फरवरी को हुई थी। सूत्रों के अनुसार, केंद्र जिस तत्परता से एलएबी, केडीए नेतृत्व के साथ विभिन्न दौर की बैठक कर रहा है, वह लद्दाख के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने में उसकी गंभीरता को दर्शाता है।आगामी बैठक के महत्व का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दोनों पक्ष अगली बैठक में कानूनी प्रस्ताव लेकर आएंगे। एलएबी और केडीए के पास अपने स्वयं के कानूनी विशेषज्ञ होंगे, जबकि एमएचए पक्ष के पास अपने स्वयं के होंगे। कानूनी मदद का उद्देश्य छठी अनुसूची की स्थिति के कुछ प्रावधानों के कार्यान्वयन पर तरीकों और साधनों का सुझाव देना है, जिससे लद्दाख वासियों के मुद्दों का हल हो सके। पहली सब कमेटी की बैठक में, राज्य का दर्जा, छठी अनुसूची की स्थिति और लद्दाख के लिए लोक सेवा आयोग (पीएससी) के गठन सहित एलएबी और केडीए के तीन मुख्य मुद्दों पर चर्चा की गई। उप समिति में लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) से थुपस्तान छेवांग, छेरिंग दोरजे उर्फ लाक्रूक और नवांग रिगज़िन जोरा, कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) से कमर अली अखून, असगर अली करबलाई और सज्जाद हुसैन उर्फ सज्जाद कारगिली शामिल थे। प्रासंगिक रूप से, एलएबी और केडीए ने एमएचए के समक्ष चार सूत्री एजेंडा प्रस्तुत किया था जिसमें राज्य का दर्जा, छठी अनुसूची, समर्पित पीएससी और लद्दाख के लिए दो संसदीय सीटें शामिल थीं। वर्तमान में, एलएबी और केडीए लद्दाख के लिए दो सीटों की अपनी चौथी मांग पर जोर नहीं दे रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि संसदीय सीटों पर रोक के कारण इसे 2026 से पहले पूरा नहीं किया जा सकता है।
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