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पहले चरण में कोई खलल डालने वाला नहीं मिला
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Mon, 24 Nov 2014 08:19 PM IST
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पहले चरण के मतदान में कोई चुनाव में खलल डालने वाला नजर नहीं आ रहा। यह चुनाव आयोग के लिए राहत की बात है। सिर्फ गांदरबल जिले में कुछ थोड़ी बहुत हलचल होने की संभावना है, जिसके लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रिवेंटिव डिटेंशन के तहत पकड़े जाने वाले लोगों की जेलों में ही पोस्टल बैलेट के जरिये वोटिंग होती है, लेकिन पहले चरण की 15 सीटों के लिए छह जिलों में होने वाले चुनाव में अभी तक कोई भी प्रिवेंटिव डिटेंशन के तहत नहीं पकड़ा गया है।
पहले चरण में कारगिल, लेह, गांदरबल, डोडा, रामबन और किश्तवाड़ की 15 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होना है। अभी तक कोई भी प्रिवेंटिव डिटेंशन में नहीं पकड़ा गया है। नियम है कि यदि प्रिवेंटिव डिटेंशन में कोई पकड़ा जाए तो उसकी जेल में ही वोटिंग की जाती है, लेकिन अभी तक फिलहाल कोई खलल डालने वाला नजर नहीं आ रहा।
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जो प्रशासन के लिए थोड़ी राहत दे रहा है। लेह, कारगिल, रामबन, डोडा, गांदरबल और किश्तवाड़ जिलों के उपायुक्त से बात करने पर उन्होंने बताया कि अभी फिलहाल कोई नहीं पकड़ा गया है, लेकिन चुनाव के समाप्त होने तक कोई भी पकड़ा जा सकता है। सभी उपायुक्तों ने कहा है यदि मतदान समाप्त होने से पहले भी कोई पकड़ा गया तो उसकी वोटिंग करा दी जाएगी।
पांच तरह की होती है पोस्टल बैलेट वोटिंग-
चुनाव में पांच तरह की पोस्टल बैलेट वोटिंग होती है। इसमें सर्विस वोटर, जेलों में प्रिवेंटिव डिटेंशन में पकड़े लोगों, पोलिंग ऑफिशियल, सैन्य जवान और फारेन सर्विस शामिल है। प्रिवेंटिव डिटेंशन में जेलों में उन लोगों को बंद किया जाता है, जो चुनाव में खलल डालने की कोशिश करते हैं। इनमें अलगाववादी मुख्य रूप से शामिल रहते हैं।
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प्रिवेंटिव डिटेंशन के तहत पकड़े जाने वाले लोगों की जेलों में ही पोस्टल बैलेट के जरिये वोटिंग होती है, लेकिन पहले चरण की 15 सीटों के लिए छह जिलों में होने वाले चुनाव में अभी तक कोई भी प्रिवेंटिव डिटेंशन के तहत नहीं पकड़ा गया है।
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पहले चरण में कारगिल, लेह, गांदरबल, डोडा, रामबन और किश्तवाड़ की 15 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होना है। अभी तक कोई भी प्रिवेंटिव डिटेंशन में नहीं पकड़ा गया है। नियम है कि यदि प्रिवेंटिव डिटेंशन में कोई पकड़ा जाए तो उसकी जेल में ही वोटिंग की जाती है, लेकिन अभी तक फिलहाल कोई खलल डालने वाला नजर नहीं आ रहा।
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जो प्रशासन के लिए थोड़ी राहत दे रहा है। लेह, कारगिल, रामबन, डोडा, गांदरबल और किश्तवाड़ जिलों के उपायुक्त से बात करने पर उन्होंने बताया कि अभी फिलहाल कोई नहीं पकड़ा गया है, लेकिन चुनाव के समाप्त होने तक कोई भी पकड़ा जा सकता है। सभी उपायुक्तों ने कहा है यदि मतदान समाप्त होने से पहले भी कोई पकड़ा गया तो उसकी वोटिंग करा दी जाएगी।
पांच तरह की होती है पोस्टल बैलेट वोटिंग-
चुनाव में पांच तरह की पोस्टल बैलेट वोटिंग होती है। इसमें सर्विस वोटर, जेलों में प्रिवेंटिव डिटेंशन में पकड़े लोगों, पोलिंग ऑफिशियल, सैन्य जवान और फारेन सर्विस शामिल है। प्रिवेंटिव डिटेंशन में जेलों में उन लोगों को बंद किया जाता है, जो चुनाव में खलल डालने की कोशिश करते हैं। इनमें अलगाववादी मुख्य रूप से शामिल रहते हैं।