फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   masarat working after hafiz saeed

हाफिज सईद के इशारे पर काम कर रहा है मसर्रत!

Fri, 17 Apr 2015 12:56 PM IST
Updated Fri, 17 Apr 2015 12:56 PM IST
विज्ञापन
masarat working after hafiz saeed

घाटी को एक बार फिर अस्थिर करने की साजिश रची जा रही है। इसमें अलगाववादियों को आगे बढ़ाने की योजना पर काम चल रहा है। बुधवार को भारत विरोधी नारे लगाने तथा पाकिस्तानी झंडे लहराने के पीछे पाकिस्तान में बैठे कुख्यात आतंकी हाफिज सईद का हाथ बताया जा रहा है।

विज्ञापन


खुफिया विभाग को इस प्रकार के इनपुट मिले हैं कि हाफिज सईद के इशारे पर घाटी में नारेबाजी की गई और पाकिस्तानी झंडे लहराए गए। रैली के बाद उसने फोन कर हाल ही में जेल से रिहा हुए मसर्रत आलम को बधाई दी और इस लड़ाई में भरपूर सहयोग को भरोसा दिया।
विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि बुधवार को पांच साल बाद कट्टरवादी अलगाववादी सैयद अली शाह गिलानी ने श्रीनगर में रैली की थी। इससे पहले गिलानी ने 2010 में रैली की थी। उसके बाद घाटी भर में हिंसक प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


उस दौरान 112 युवकों की मौत हो गई थी। खुफिया सूत्रों का कहना है कि रैली के बाद हाफिज सईद तथा मसर्रत आलम के बीच फोन पर हुई बातचीत का ब्योरा रिकार्ड किया गया है।

बड़ी रैली के लिए मर्सरत का आभार

masarat working after hafiz saeed

फोन पर हाफिज सईद ने घाटी में बड़ी रैली करने के लिए मसर्रत का आभार व्यक्त किया। साथ ही इस लड़ाई को जारी रखने को कहा। इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाने में हर प्रकार के सहयोग का आश्वासन दिया। रैली में बीच-बीच में भी फोन पर निर्देश मिलने के इनपुट मिले हैं।

सूत्रों ने बताया कि रैली में जिस प्रकार पाकिस्तान तथा हाफिज के समर्थन में नारे लग रहे थे उससे इस बात का पूरा भरोसा है कि सब कुछ पूर्व नियोजित था। खुफिया विभाग को इस बात के भी लगातार इनपुट मिल रहे थे कि हाफिज सईद को सीमा से हटाकर बड़े मकसद में लगाया गया है।

दरअसल, इधर बीच चुनावों में लोकतंत्र के प्रति लोगों के उत्साह को देखते हुए अलगाववादियों को अपने अस्तित्व पर खतरा मंडराता नजर आ रहा था। इसके साथ ही कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास को लेकर चल रहे प्रयासों को झटका देने के उद्देश्य से भी अलगाववादियों को अपनी ताकत दिखाने का मौका चाहिए था। इन सब मुद्दों को लेकर अलगाववादियों ने घाटी में अपनी सक्रियता बढ़ाई है।

एक महीने में दूसरी बार लहराया गया पाक झंडा

masarat working after hafiz saeed

सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
केंद्र की एडवाइजरी के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हैं। मसर्रत पर पैनी निगाह रखी गई है। उससे मिलने जुलने वालों पर नजर रखी जा रही है। मुफ्ती सरकार बनने के बाद उसकी रिहाई को लेकर देश व्यापी बवाल के बाद केंद्र सरकार को तीन रिपोर्ट रियासत सरकार ने भेजीं थीं। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चल गया।

त्राल में मुठभेड़ में मारे गए युवक के मामले में विरोध प्रदर्शन और त्राल बंद के आह्वान पर मसर्रत को पुलिस ने मंगलवार को हिरासत में लिया था। बुधवार को उसने रैली कर भारत के खिलाफ जोरदार हमला बोला। सूत्र बताते हैं कि राज्य सरकार मसर्रत मामले की समीक्षा में जुट गई है। हालांकि, कहा जा रहा है कि इस मामले में राज्य सरकार का रुख लचीला ही रहेगा।

एक महीने में दूसरी बार लहराया गया पाक झंडा
एक महीने में घाटी में दूसरी बार पाकिस्तानी झंडा लहराने का मामला सामने आया है। इसके पहले पाकिस्तान डे पर 23 मार्च को जेल में बंद  अलगाववादी आशिक हुसैन फक्तू की पत्नी आसिया अंद्राबी ने भी झंडे लहराए थे। उस पर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद 15 अप्रैल को मसर्रत ने पाकिस्तानी झंडे लहराए तथा भारत विरोधी नारेबाजी की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed