फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   masarat alams bail plea dismissed

राष्ट्रद्रोह में मसर्रत की जमानत याचिका खारिज

Sun, 26 Apr 2015 01:11 AM IST
Updated Sun, 26 Apr 2015 01:11 AM IST
विज्ञापन
masarat alams bail plea dismissed

अलगाववादी तथा कश्मीर मुस्लिम लीग के अध्यक्ष मसर्रत आलम की राष्ट्रद्रोह मामले में कोर्ट ने शनिवार को जमानत याचिका खारिज कर दी। चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (सीजेएम) बडगाम कमलेश पंडिता ने मामले की सुनवाई करते हुए याचिका खारिज की।

विज्ञापन


पुलिस केस के अनुसार मसर्रत पर 15 अप्रैल को हुर्रियत नेता सैय्यद अली शाह गिलानी के स्वागत के लिए गैर कानूनी तरीके से रैली करने, सीआरपीएफ वाहन पर पथराव करने, रास्ता जाम करने तथा पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी करने पर मुकदमा दर्ज किया गया था।
विज्ञापन


इस आधार पर उसे 17 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद उसकी ओर से जमानत याचिका दाखिल की गई जिसमें कहा गया कि उस पर गलत आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह सब कुछ प्रभावी राजनीतिज्ञों के इशारे पर किया गया है क्योंकि वह मुस्लिम लीग का अध्यक्ष है जो हुर्रियत (जी) का घटक है।
विज्ञापन
विज्ञापन


याचिका में यह भी कहा गया है कि एक राजनीतिक नेता होने के नाते लोकतांत्रिक व्यवस्था में उसे हर प्रकार के विचारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है। सीजेएम ने सरकारी वकील की भी दलीलों को सुना।

मसर्रत की ओर से अधिवक्ताओं ने कहा कि केंद्र तथा राज्य में बैठे राजनीतिज्ञों के इशारे पर मुकदमा कायम किया गया है। यह केवल उसकी आवाज को दबाने के लिए किया गया है।

कश्मीर बंद से जनजीवन प्रभावित

masarat alams bail plea dismissed

अधिवक्ताओं ने यह भी कहा कि कश्मीर में पाकिस्तानी झंडा लहराना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ओर से भी अवैधानिक नहीं माना गया है और न ही यह विधि का उल्लंघन है। सीजेएम ने अपने 14 पेज के आदेश में कहा है कि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट इस नतीजे पर पहुंची है कि उसकी जमानत याचिका खारिज करने योग्य है।

तथ्यों के आधार पर यह स्पष्ट है कि वह मृत्युदंड या उम्र कैद की सजा पाने योग्य अपराध का दोषी है। अलगाववादी मसर्रत आलम को पीएसए के तहत जेल भेजे जाने के खिलाफ हुर्रियत कांफ्रेंस के चेयरमैन सैयद अली शाह गिलानी की ओर से कश्मीर बंद के आह्वान से शनिवार को जनजीवन प्रभावित रहा।

दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान, पेट्रोल पंप तथा शिक्षण संस्थान बंद रहे। सरकारी कार्यालयों तथा बैंकों में कम उपस्थिति रही। सड़कों से वाहन नदारद रहे। कार तथा आटो रिक्शा कुछ स्थानों पर चले। गिलानी ने शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद बंद का आह्वान किया था। उनका कहना था कि मसर्रत पर पीएसए लगाने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed