कश्मीर में अलगाववादियों का मार्च नाकाम, घाटी में तनाव बरकरार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अलगाववादियों के बंद और त्राल चलो आह्वान को प्रशासन ने नाकाम कर दिया। सभी अलगाववादी नेताओं को नजरबंद कर दिया गया। श्रीनगर के सात थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू रहा, जबकि दक्षिण कश्मीर के कुछ इलाकों में पाबंदियां जारी रहीं। स्कूल, कालेज और मोबाइल इंटरनेट बंद रहे।
मुठभेड़ में मारे गए आतंकी सब्जार भट के गांव में लोगों ने प्रदर्शन और पत्थरबाजी की, लेकिन सुरक्षा बलों के आगे उनकी ज्यादा नहीं चली। शोपियां के केलर चौक और पुलवामा जिले के कोर्ट रोड त्राल में सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी की गई।
हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर आतंकी सब्जार भट की मुठभेड़ में मौत के चार दिन बाद भी घाटी में जिंदगी पटरी पर नहीं लौट पाई है। मंगलवार को घाटी पूरी तरह बंद रही। लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किलों भरा रहा। व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। घाटी में रेल सेवा और यातायात व्यवस्था लगभग ठप रही।
सात थाना क्षेत्रों में लगा रहा कर्फ्यू
अलगाववादियों के दो दिन बंद और मंगलवार को त्राल चलो के आह्वान के चलते प्रशासन ने पुख्ता बंदोबस्त कर रखे थे। जिला उपायुक्त श्रीनगर ने बताया कि हालात न बिगड़ें इसको ध्यान में रखते हुए श्रीनगर के सात थाना क्षेत्रों रैनावाड़ी, खानयार, मयसूमा, सफाकदल, नौहटा, करालखुद और महराजगंज में कर्फ्यू लगाया गया था।
अलगाववादी नेताओं को नजरबंद कर दिया गया। इस तरह उनका त्राल चलो का आह्वान नाकाम कर दिया गया। इसके अलावा दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग, पुलवामा, कुलगाम, शोपियां और उत्तरी कश्मीर के सोपोर में पाबंदियां रहीं। मध्य कश्मीर के बडगाम और गांदरबल में धारा 144 लगाई गई है।
कर्फ्यू और पाबंदियों के बीच कुछ निजी वाहन और ऑटो, रिक्शा चलते रहे। घाटी में रेल सेवा ठप रही। हालांकि दुकानें, बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठान और पेट्रोल पंप बंद रहे। मोबाइल इंटरनेट और प्रीपेड नंबरों पर आउटगोइंग अभी भी बंद है। घाटी में स्कूल-कालेज बंद रहे और कश्मीर यूनिवर्सिटी में होने वाली परीक्षाएं भी स्थगित रहीं।