नौ महीने की पीडीपी-भाजपा सरकार में बार-बार तकरार, आखिर क्यों?
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दो महीने से अधिक समय तक चले गतिरोध के बाद सत्ता में आई पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार का अपने नौ महीने के कार्यकाल में कई विवादों से नाता रहा। परस्पर विरोधी बयानबाजी तथा सरकार के फैसलों को लेकर दोनों दलों के बीच सियासी दूरियां भी बनी रहीं।
सदन में बीफ जैसे मुद्दे पर भाजपा के डिप्टी सीएम डा. निर्मल सिंह ने माफी मांगने से इनकार कर दिया बाद में मुख्यमंत्री के कहने पर उन्होंने दुख जताया। अगले दिन सदन में कट्टरता के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया।
-बीफ मसले पर रहा गतिरोध -
निर्दलीय विधायक इंजीनियर रशीद की ओर से एमएलए हास्टल में बीफ पार्टी देने के अगले ही दिन श्रीनगर विधानसभा में सदन के अंदर पिटाई के बाद रियासत में ही नहीं बल्कि पूरे देश में शोर मचा। उधमपुर में एक ट्रक पर पेट्रोल बम हमले में अनंतनाग का ट्रक क्लीनर मारा गया।
-हेलीकाप्टर सेवा पर सर्विस टैक्स पर रार
माता वैष्णो देवी श्रद्धालुओं के हेलीकाप्टर सेवा पर सर्विस टैक्स लगाने का मामला भी खूब उछला। भाजपा ने कहा कि बिना उसकी राय के इसे लागू कर दिया गया है। इसके लिए पार्टी की ओर से दबाव भी बनाया गया, लेकिन बात नहीं बनी।
-काम न होने का मलाल रहा भाजपा को
हाल ही में वित्त मंत्री की ओर से ट्रांसफार्मर की मरम्मत के लिए दो करोड़ रुपये बिना बिजली मंत्री के संज्ञान में लाए ही जारी कर देने का मामला भी उछला।
गठबंधन में सहयोगी होने के बाद भी भाजपा विधायकों का काम न होने का मलाल लेकर पार्टी के सभी मंत्री तथा विधायक मुख्यमंत्री दरबार में पहुंचे।
ट्रांसफर को लेकर भी गतिरोध
कैबिनेट की बैठकों में ट्रांसफर को लेकर भी गतिरोध चलता रहा। यही वजह है कि पुलिस अधिकारियों के प्रस्तावित ट्रांसफर को मंजूरी नहीं मिल सकी।
झंडे को लेकर भी विवाद
सरकार बनने के साथ झंडे को लेकर विवाद शुरू हो गया। भाजपा का आरोप था कि बिना उसकी अनुमति के वाहनों पर एक ध्वज लगाने का आदेश जारी किया गया है।
रियासत में वाहनों पर दो झंडे लगते हैं। एक तिरंगा और दूसरा रियासत का। इस मामले में गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी को पद से हाथ धोना पड़ा।
मसर्रत पर भी खिंची तलवारें
मुफ्ती सरकार के शपथ ग्रहण के कुछ ही दिन बाद अलगाववादी मसर्रत आलम को जेल से रिहा करने पर भी दोनों दलों में तलवारें खिंची रही।
बाद में केंद्र के दबाव पर मसर्रत को पीएसए के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। रियासत में सकुशल चुनाव का श्रेय अलगाववादियों तथा पाकिस्तान को दिए जाने संबंधी मुफ्ती के बयान पर भी हो हंगामा हुआ।
88 हजार करोड़ का तोहफा भी मिला
गठबंधन सरकार बनने के बाद पहली बार श्रीनगर में पीडीपी-भाजपा की संयुक्त रैली हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को 88 हजार करोड़ रुपये के पैकेज का एलान किया। इसमें बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास तथा रिफ्यूजियों एवं छंब विस्थापितों के वन टाइम सेटलमेंट का प्रावधान है।