वाजपेयी की नीतियों की धज्जी उड़ा रही मोदी सरकार
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भारत ने पाकिस्तान से फ्लैग मीटिंग रद कर रियासत की जनता के साथ एक तरह का अन्याय किया है, दोनों देशों के बीच बातचीत के रास्ते बंद नहीं होने चाहिएं। उच्चस्तर पर बातचीत के जरिए ही दोनों देशों के बीच रिश्तों को सुधारा जा सकता है।
इस मामले में केन्द्र की मोदी सरकार वाजपेयी की नीतियों की धज्जियां उड़ा रही है। केन्द्र सरकार पर यह तीखे आरोप लगाए जम्मू कश्मीर के मुख्य विपक्षी दल पीडीपी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने।
अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान महबूबा मुफ्ती ने पाक से बातचीत का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने साफ कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार इस मामले में हल्का रुख अपना रही है।
जानिए क्या कहा महबूबा ने?
यही कारण है कि छोटे से मामले को मुद्दा बनाकर पाक के साथ विदेश सचिव स्तर पर होने वाली बातचीत को रद कर दिया गया। महबूबा ने कहा कि पाकिस्तान से बातचीत बंद करने से जम्मू कश्मीर की समस्या और बढ़ गई है।
उन्होंने मामले में मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पाकिस्तान नीति को पूरी तरह खारिज कर उसकी धज्जियां उड़ाने में लगी है। इससे ही कश्मीर समस्या और विकट होती जा रही है।
इसलिए जल्द से जल्द दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू होनी चाहिए। उन्होंने केन्द्र सरकार से कहा कि पीडीपी की पुरजोर मांग है, बातचीत को बंद नहीं किया जाना चाहिए। दोनों देशों के बीच इस संबंध में बातचीत शुरू होनी चाहिए।
एक दिन पहले ही सीमांत क्षेत्रों का दौरा कर लौटी महबूबा मुफ्ती ने बार्डर पर फायरिंग के लिए दोनों देशों के रक्षामंत्री से इस्तीफे की मांग कर डाली। बकौल महबूबा अगर सरकार सीमा पर फायरिंग नहीं रोक पाती है तो दोनों देशों के रक्षामंत्रियों को इसकी जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए।