परिजनों से नहीं कर पा रहे हैं संपर्क तो सीआरपीएफ की हेल्पलाइन सेवा 'मददगार' है तैयार
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केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की श्रीनगर स्थित हेल्पलाइन ‘14411’ एक बार फिर कश्मीरियों के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों में रहने वालों के लिए चालू की गई है। यह हेल्पलाइन फिर से शुरू करने का मकसद है कि अनुच्छेद 370 के कुछ प्रावधानों को खत्म करने के केंद्र के फैसले के बाद पैदा हुए हालात के कारण मुश्किलों का सामना कर रहे लोगों और उनके परिवारों की मदद की जा सके। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।
उन्होंने बताया कि ‘मददगार’ हेल्पलाइन के पांच अंकों वाले लैंडलाइन नंबर को फिर से चालू कर दिया गया है। कश्मीर घाटी में संचार व्यवस्था पर लगाई गई बंदिशों के कारण इसे बंद कर दिया गया था। एक आधिकारिक ट्वीट में सीआरपीएफ ने कहा, ‘‘14411 को फिर से चालू कर दिया गया है, कश्मीरी छात्र और कश्मीर या बाहर रह रहे आम लोग त्वरित सहायता के लिए 24 घंटे नि:शुल्क नंबर 14411 पर सीआरपीएफ मददगार से संपर्क साध सकते हैं।’’
Central Reserve Police Force (CRPF): Any individual or family who is unable to contact with his/her loved ones in another part of the country, may please contact CRPF's Madadgar helpline number 14411 & 9469793260 & enable us to help you. pic.twitter.com/DHu9NoTZOa— ANI (@ANI) August 20, 2019
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अधिकारियों ने बताया कि बीते रविवार देर शाम से अब तक लोगों ने इस हेल्पलाइन नंबर पर 500 से ज्यादा कॉल किए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फोन करने वाले लोग जम्मू-कश्मीर के हालात के बारे में जानना चाहते हैं। वे अपने परिवारों का कुशलक्षेम जानना चाहते हैं और उनकी अन्य चिंताएं भी अपने परिवार से जुड़ी हुई हैं। सीआरपीएफ उनकी हरसंभव मदद कर रहा है।
‘मददगार’ ने पिछले सोमवार को ट्विटर पर एक पोस्ट डालकर कहा था कि लोग किसी मदद या जानकारी के लिए उसके मोबाइल नंबर 9469793260 पर कॉल कर सकते हैं, क्योंकि पांच अंकों वाला नंबर काम नहीं कर रहा है। सोमवार को जिस मोबाइल नंबर के बारे में ट्वीट किया गया था उसे लैंडलाइन नंबर पर डायवर्ट कर दिया गया है। सीआरपीएफ ने यह भी कहा कि उसके आधिकारिक ट्विटर हैंडल ‘सीआरपीएफ मददगार’ के जरिए भी मदद मांगी जा सकती है। सीआरपीएफ ने ‘मददगार’ हेल्पलाइन की शुरुआत जून 2017 में की थी।
हेल्पलाइन नंबर पर हर तरह की कॉल
एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक मददगार हेल्पलाइन पर 2,700 फोन कॉल्स सुरक्षाबलों के परिवार की ओर से, 2448 कॉल्स कश्मीर से बाहर रह रहे लोगों ने अपने परिवार का हालचाल जानने के लिए किया। 1,752 कॉल्स गैर-कश्मीरियों ने कश्मीर के लोगों का हाल जानने के लिए की। प्रदेश से बाहर रहनेवालों ने हेल्पलाइन के जरिए अपने परिवार की खैरियत मालूम की।
विदेशों से भी काफी फोन कॉल्स
एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक टोल फ्री नंबर 14411 पर सऊदी अरब से 45 कॉल आए। कुल 22 देशों से कश्मीर में अपनों का हाल जानने के लिए फोन आए। इनमें से 39 फोन कॉल्स यूएई से, 12 कुवैत से, 8-8 इजरायल और मलयेशिया से, 7 रूस से, 6-6 अमेरिका और तुर्की से, 5 ऑस्ट्रेलिया से, 4-4 यूके, सिंगापुर और बांग्लादेश से आईं। तीन-तीन फोन कॉल्स कनाडा, बहरीन, जर्मनी, फिलीपींस और थाइलैंड से आईं जबकि ओमान, फ्रांस और बेल्जियम से 2-2 कॉल आईं। वहीं, चीन और कतर से एक-एक फोन कॉल आई।