लोकसभा चुनाव: लद्दाख की संसदीय सीट पर 2014 से भाजपा का कब्जा, क्या इस बार कांग्रेस-नेकां लगा पाएंगे सेंध
2014 के चुनाव में पहली बार लद्दाख में भाजपा का खाता खुला। इसके पहले के चुनावों में छह बार कांग्रेस, दो बार नेकां और तीन बार निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की।
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अनुच्छेद 370 हटने के बाद बिना विधानसभा के बने अलग केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में हो रहे लोकसभा चुनाव का अपना अलग महत्व है। 2014 से इस सीट पर भाजपा का कब्जा है। अब भाजपा के समक्ष हैट्रिक लगाने की चुनौती है। लद्दाख में अलग राज्य की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा है।
लेह और कारगिल दोनों जगह कई बार विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। लद्दाखियों का आंदोलन भाजपा के लिए परेशानी पैदा कर सकता है। लद्दाख कांग्रेस का गढ़ रहा है। नेकां का भी दो बार इस सीट पर कब्जा रहा है। दोनों के बीच सीट शेयरिंग पर बात चल रही है और नेकां यह सीट कांग्रेस के लिए छोड़ने को तैयार है। लेकिन अभी न तो कांग्रेस और न ही भाजपा ने प्रत्याशी घोषित किए हैं।
2014 के चुनाव में पहली बार लद्दाख में भाजपा का खाता खुला। इसके पहले के चुनावों में छह बार कांग्रेस, दो बार नेकां और तीन बार निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। 1989 में पहली बार निर्दल प्रत्याशी मो. हसन कमांडर ने कांग्रेस के विजय अभियान पर ब्रेक लगाया। 2004 व 2009 में निर्दलीय को जीत मिली। 2004 में निर्दल प्रत्याशी के रूप में जीतने वाले थुप्तसन चिवांग ने 2014 में पहली बार भाजपा को जीत का स्वाद चखाया।
लद्दाख में पांचवें चरण में 20 मई को होगा मतदान
कारगिल और लेह जिलों में फैली लद्दाख लोकसभा सीट पर पांचवें चरण में मतदान होगा। वहीं, जम्मू-कश्मीर में लोकसभा चुनाव पांच चरणों में होंगे और केंद्र शासित प्रदेश के पांच संसदीय क्षेत्रों में से प्रत्येक में मतदान होगा।
उधमपुर में पहले चरण में 19 अप्रैल को मतदान
जम्मू संभाग की उधमपुर लोकसभा सीट पर पहले चरण में 19 अप्रैल को मतदान होगा। अधिसूचना 20 मार्च को जारी की जाएगी, जबकि 27 मार्च नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख होगी। उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि 30 मार्च होगी। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर....