15 घरों में आई दरारें, परिवारों ने स्कूल में ली पनाह
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दो दिन से बारिश का सिलसिला भले ही थम गया हो, लेकिन भूस्खलन के डर से गांवों से लोगों के विस्थापन का सिलसिला और तेज हो गया है। लोगों को डर है कि पूरी तरह गीले हो चुके कच्चे मकानों में तेज धूप से दरारें आएंगी और वह ढह जाएंगे। जान बचाने के लिए घरों को छोड़ना ही उनके लिए एकमात्र विकल्प रह गया है।
गांव जटार में भूस्खलन से 15 घरों में दरारें आ गई हैं। लोगों ने गांव के ही सरकारी मिडिल स्कूल में शरण ली है। गांव कुठयारी के छह परिवारों ने टेंटों को बसेरा बना लिया है। पंचायत सदस्य रंजीत कुमार का कहना है कि पूरे क्षेत्र में हालात बेहद गंभीर हैं।
अब तक प्रशासन का कोई भी अधिकारी उनकी खबर लेने नहीं पहुंचा है। जगह जगह पस्सियां गिर रही हैं। तकरीबन सौ कनाल कृषि भूमि धंस चुकी है। अधिकतर लोग गरीब हैं। उनकी जमीन भूस्खलन में छिन गई है। उनके लिए तो मरने जैसी नौबत है।
जिला मुख्यालय से मात्र तीन किलोमीटर दूर मलवास गुज्जर बस्ती जो कि चिनाब दरिया के किनारे हैं। वहां भी भारी भूस्खलन हुआ है। मुसीबत के मारे ग्रामीणों ने खेतों में टेंट लगाए हैं। यहां के 45 परिवारों का यही मानना है कि जब से बगलिहार पनबिजली परियोजना के लिए चिनाब दरिया में झील बनाई गई है, तब से उनके लिए हर वक्त मौत के मुंह के पास खड़े रहने की नौबत है।
गांव के नीचे की जमीन खिसक रही है
झील बनने के दौरान से ही क्षेत्र में जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है। बची हुई कसर भारी बारिश ने पूरी कर दी। उन्होंने बताया कि बस्ती के ऊपर से भारी पस्सियां गिर रही हैं और नीचे जमीन खिसक रही है। ऐसे में उनके सामने तो दोनों ओर मौत खड़ी है।
इन पीडि़त ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रोजेक्ट के अधिकारियों से गुहार लगाई कि उन्हें यहां से स्थानांतरित कर दूसरी जगह शिफ्ट करा दिया जाए और मुआवजा दिया जाए, लेकिन किसी ने हमारी नहीं सुनी।
ऐसी ही दयनीय हालत मंडौल गांव में भी बनी हुई है। इस गांव में 70 घर हैं। यह गांव चिनाब से दो सौ फुट की दूरी पर है। गांव की जमीन खिसक रही है। सरपंच रक्षपाल का कहना है कि लोगों को डर है पूरा गांव कहीं चिनाब दरिया में समा न जाए।
गौरतलब है कि बगलिहार प्रोजेक्ट के पास चिनाब दरिया के आसपास कई गांव बसे हुए हैं। अस्सर, बगनर, मलहौरी, जठ्ठी, मंडौल, मलवास, गुज्जर बस्ती, शामठी, जंगली आदि गांवों में संकट छाया है। इन गांवों के चिनाब में धंसने का हर वक्त खतरा है।