LIVE: भूस्खलन, 100 घर मलबे में दबे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जो घर मलवे में दबे हैं उन्हें पहले ही खाली करवा लिया गया था। इसलिए किसी भी व्यक्ति की मौत नही हुई। इन घरों में रहने वाले सभी लोग सुरक्षित हैं।
आपको बताते चलें कि इस इलाके में दो दिन पहले भूस्खलन हुआ था, जिसमें लगभग 30 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद प्रशासन ने एतिहात के तौर पर इस इलाकों को खाली करवा लिया था।
उधमपुर तक शुरु हुआ ट्रेन रुट
भारी बारिश और भूस्खलन के चलते पिछले कई दिनों से बंद जम्मू- उधमपुर मार्ग आज खुल गया। भारी बारिश के कारण इस रुट में कई जगह दरार आ गई थी, जिसके बाद इस रुट को बंद कर दिया गया था।
हालांकि अभी भी ट्रेन कटड़ा के लिए नहीं जा पा रही हैं, क्योंकि इस रास्ते में पड़ने वाली कई टनलों को अभी तक नहीं खोला जा सका है।
बारिश और भूस्खलन से कई टनलों को भारी नुकसान पहुंचा था। जिसके बाद इस रुट के रेल यातायात को बंद कर दिया गया था। अभी कटड़ा तक के ट्रैक को खुलना वक्त लग सकता है। रेलवे प्रशासन फिलहाल ट्रैक को खोलने के काम लगा हुआ है।
झेलम का जलस्तर 3-4 फीट कम हुआ
जम्मू-कश्मीर में भीषण बाढ़ से मची तबाही के बीच सेना, एयरफोर्स और एनडीआरएफ ने मिलकर अब तक करीब 23 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है। लेकिन अब भी लोखों लोग बाढ़ में फंसे हुए हैं।
राहत की खबर ये है कि झेलम और उसकी साहयक नदियों का जलस्तर कम होने लगा है। झेलम का जलस्तर 3-4 फीट कम हुआ है। अब तक इस आपदा में 200 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर है। वहीं मौसम विभाग ने घाटी में अगले तीन दिन तक बारिश ना होने की संभावना जाताई है।
एयरफोर्स के 32 हैलीकॉप्टर राहत कार्यों में लगे हुए हैं। इनके जरिए फंसे लोगों को निकाला जा रहा है। वहीं, इनके जरिए लोगों तक दवाईयां, खाना, कंबल आदि भी पहुंचाए जा रहे हैं।
नेवी के मरीन कमांडो घाटी में पहुंचे
इस बीच नेवी के मरीन कमांडो घाटी में पहुंच चुके हैं। मरीन कमांडो ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरु कर दिए हैं। सेना, एयरफोर्स और एनडीआरएफ ने कल श्रीनगर-सोपोर हाईवे से 200 लोगों को रेस्क्यू किया है।
वहीं, कर्नाटक सरकार ने कश्मीर में बचाव दलों की कई टीमों को भेजा गया है। दूसरी ओर तमिलनाडु सरकार ने कश्मीर आपदा मे लोगों की साहयता के लिए पांच करोड़ की राशि जारी की है।
जम्मू-कश्मीर में बाढ़ के हालात पर मंगलवार को कैबिनेट सचिव ने एक बैठक बुलाई है जो राहत कार्यो और बाढ़ की स्थिति पर चर्चा करेगी।
90 3जी मोबाइल टावरों शुरू
कैबिनेट सचिव अजीत सेठ की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति की एक बैठक के बाद एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा, 90 3जी टॉवरों ने काम करना शुरू कर दिया है।
महत्वपूर्ण संचार टॉवरों को बहाल करने के लिए 10 वीसैट प्रणाली भेजे जा रहे हैं। बरदुला से सैटेलाइट लिंक उपलब्ध कराया गया है। हालांकि बाढ़ प्रभावित घाटी में सड़क संपर्क की बहाली में पांच से सात दिन लग जाएंगे।
सेना ने श्रीनगर के सबसे बुरी तरह बाढ़ प्रभावित इलाके नातीपुरा, नॉगांव और करननगर में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरु कर दिया है।