उड़ी की तर्ज पर कुपवाड़ा में आर्मी कैंप पर आतंकी हमला, शहीद कैप्टन के घर पहुंचे अखिलेश
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पाकिस्तानी आतंकियों ने उड़ी की तर्ज पर एलओसी से सटे कुपवाड़ा जिले में सैन्य कैंप पर फिदायीन हमला किया। इन हमलों की मॉडस आपरेंडी लगभग एक ही तरह है। इनका मकसद सैन्य कैंप में ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाना था। आतंकियों के पास से बरामद मैप से ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि उन्होंने पहले से सैन्य कैंप की रेकी कर ली थी।
इधर कुपवाड़ा हमले में शहीद हुए कैप्टन आयुष यादव के घर यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पहुंचे हैं। यूपी सरकार ने शहीद के परिजनों को 30 लाख रुपये देने की घोषणा की।
सूत्रों का कहना है कि तीन आतंकी तारबंदी पार कर सैन्य कैंप में घुस आए थे। उनका मकसद अंधाधुंध गोलियां बरसाकर जवानों को मौत की नींद सुलाना था। इसके लिए उन्होंने ग्रेनेड भी दागे। हालांकि, सेना का दावा है कि आतंकियों को गेट पर ही ढेर कर दिया गया था।
आतंकियों के पास से बरामद हथियार और गोला बारूद तथा खाने-पीने के सामान से इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा है कि वे लंबी तैयारी से आए थे कि मुठभेड़ ज्यादा से ज्यादा समय तक चले और सैन्य कैंप में ज्यादा तबाही मचाई जा सके। हमले के तौर-तरीकों से जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के घटना में शामिल होेने की आशंका जताई जा रही है।
पीओके लांचिंग पैड पर 150 आतंकी घुसपैठ की फिराक में
हालांकि, प्रारंभिक सूचना के अनुसार लश्कर के आतंकियों ने घटना को अंजाम दिया है। सुरक्षा एजेंसियां इस कड़ी को भी सुलझाने में जुट गई हैं। उड़ी और पठानकोट हमले में भी जैश का ही हाथ था। सैन्य सूत्रों ने बताया कि एलओसी पर जवानों की सतर्कता की वजह से लंबे समय से आतंकी घुसपैठ नहीं कर पा रहे हैं। पीओके में लांचिंग पैड पर 150 से अधिक आतंकी घुसपैठ की फिराक में तैयार बैठे हुए हैं।
सैन्य सूत्रों ने बताया कि फिलहाल सर्च आपरेशन चलाया जा रहा है। यह पता लगाया जा रहा है कि आतंकी कब घुसपैठ करने में सफल रहे। घुसपैठ के संभावित रास्ते की भी तलाश की जा रही है। जंगलों में भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, ताकि आतंकी हमले से जुड़े और भी सुराग का पता लगाया जा सके।
एलओसी और आईबी पर सतर्कता बढ़ाई