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सांबा में शीघ्र ही खनन के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया होगी चालू
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सांबा खनन विभाग के लिए उपायुक्त को मिलते लोग
- फोटो : SAMBA
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सांबा। उपायुक्त अनुराधा गुप्ता ने कहा कि जिले में खनन के मामले में मिल रही शिकायतों का संज्ञान लेते हुए खनन की पर्ची के लिए ऑनलाइन परिक्रिया शीघ्र ही चालू की जाएगी। ताकि आम लोगों को परेशानी न हो और विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।
जिले की नदी नालों में जब से खनन चालू हुआ तब से आज तक लोगों को सरकारी दाम के मुताबिक खनिज पदार्थ नहीं मिल रहे हैं। इसके चलते आए दिन प्रदर्शन हो रहे हैं। हालांकि प्रशासन लोगों की बात तो सुनता है, लेकिन खनन माफिया चार दिन बाद फिर से मनमाने दाम वसूलना शुरू कर देते हैं। इसको लेकर सोमवार को ठेकेदार, पंच, सरपंच, ट्रैक्टर ट्रॉली मालिकों का शिष्टमंडल उपायुक्त अनुराधा गुप्ता से मिला। उन्हें खनन माफिया द्वारा रेत बजरी के मनमाने दाम वसूलने के बारे में बताया।
शिष्टमंडल में शामिल सरपंच लब्लु संब्याल ने बताया कि खनन के दाम सरकार तय करती है। ताकि लोगों को तय दाम पर खनन सामग्री मिल सके, लेकिन अधिक मुनाफा कमाने के लिए खनन माफिया गुंडागर्दी के दम पर खनन की पर्ची 200 से 250 रुपये महंगे दाम पर दे रहा, जिसको लेकर लोगों को खनन सामग्री (रेत व बजरी) 1000 से 1800 की मिलनी चाहिए वह दो हजार से ढाई हजार तक मिल रही है। उन्होंने बताया कि जब खनन माफिया पर दाम कम करने बारे प्रशासन कार्रवाई करता है तो खनन की रॉयल्टी पर्ची ही बंद कर दी जाती है।
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जिले की नदी नालों में जब से खनन चालू हुआ तब से आज तक लोगों को सरकारी दाम के मुताबिक खनिज पदार्थ नहीं मिल रहे हैं। इसके चलते आए दिन प्रदर्शन हो रहे हैं। हालांकि प्रशासन लोगों की बात तो सुनता है, लेकिन खनन माफिया चार दिन बाद फिर से मनमाने दाम वसूलना शुरू कर देते हैं। इसको लेकर सोमवार को ठेकेदार, पंच, सरपंच, ट्रैक्टर ट्रॉली मालिकों का शिष्टमंडल उपायुक्त अनुराधा गुप्ता से मिला। उन्हें खनन माफिया द्वारा रेत बजरी के मनमाने दाम वसूलने के बारे में बताया।
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शिष्टमंडल में शामिल सरपंच लब्लु संब्याल ने बताया कि खनन के दाम सरकार तय करती है। ताकि लोगों को तय दाम पर खनन सामग्री मिल सके, लेकिन अधिक मुनाफा कमाने के लिए खनन माफिया गुंडागर्दी के दम पर खनन की पर्ची 200 से 250 रुपये महंगे दाम पर दे रहा, जिसको लेकर लोगों को खनन सामग्री (रेत व बजरी) 1000 से 1800 की मिलनी चाहिए वह दो हजार से ढाई हजार तक मिल रही है। उन्होंने बताया कि जब खनन माफिया पर दाम कम करने बारे प्रशासन कार्रवाई करता है तो खनन की रॉयल्टी पर्ची ही बंद कर दी जाती है।
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