जश्न-ए-आजादी बहुभाषी मुशायरे का आगाज
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जम्मू-कश्मीर कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी के तत्वावधान में चार दिवसीय जश्न-ए-आजादी-2014 का बहुभाषी मुशायरा मंगलवार को आरंभ हो गया।
जम्मू विश्वविद्यलय के उर्दू विभाग के प्रो. ज्ञानचंद सेमिनार हाल में चार दिवसीय कवि गोष्ठी का उद्घाटन मुख्य अतिथि जम्मू के जिलाधीश अजीत कुमार साहू ने किया।
कवि गोष्ठी की अध्यक्षता हिंदी की प्रतिष्ठित लेखिका प्रो. चंचल डोगरा ने की। जेके कल्चरल एकेडमी के सहायक सचिव डा. अरविंदर सिंह अमन मौजूद रहे। डीसी अजीत कुमार साहू ने मुशायरे की शृंखला के पहले दिन प्रस्तुत भावपूर्ण हिंदी काव्य प्रवाह की सराहना की।
डीसी ने ‘रिश्ते’ नामक शीर्षक से कविता सुनाई और कहा कि ‘रिश्ते क्या अजब पहेली हैं...रिश्ते ही उलझे हैं’, सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। प्रो. चंचल डोगरा ने भी ‘एक घर यह भी’ नामक कविता प्रस्तुत की।
चार दिन चलेगा काव्य समागम
गीतकार डा. निर्मल विनोद ने गीतमयी कविता प्रस्तुत कर सबको आकर्षित किया। वयोवृद्ध कवयित्री कृष्णा गुप्ता ने ‘आज फिर से देश की उतारो आरती’ नामक कविता सुनाई।
पद्मश्री डा. जीतेंद्र उधमपुरी ने भी कविता प्रस्तुत की। संजीव भसीन, सुधीर महाजन, शारदा साहनी, डा. अरुणा शर्मा, श्याम बिहारी के अलावा युवा कवि कमलजीत चौधरी द्वारा कविता लिखने का समय नामक कविता प्रस्तुत कर सबकी वाहवाही लूटी।
शेख मोहम्मद कल्याण, योगिता यादव तथा कृष्ण शर्मा की कविता को भी सराहा गया, जबकि नवोदित कवियों और कवयित्रियों में शिवानी आनंद, शहनाज, सोनू शर्मा, अंकिता, सोनिया उपाध्याय, अखनूर के कुंवर शक्ति सिंह, सुनील शर्मा आदि सम्मिलित रहे। उर्दू विभाग के सभागार में ही बुधवार को कल्चरल एकेडमी की ओर से पंजाबी कवि गोष्ठी आयोजित होगी।