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जम्मू-कश्मीर: शिक्षक सदियों पुरानी कला में फूंक रहे नई जान, शुरू किया सुलेख संस्थान
Mon, 15 Mar 2021 08:03 PM IST
सुशील कुमार कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू
अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Mon, 15 Mar 2021 08:03 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
कश्मीरी शिक्षक ने कला को पुनर्जीवित करने और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के लिए सुलेख संस्थान शुरू किया है। एक युवा कश्मीरी शिक्षक मलिक मुख्तार इस सदियों पुरानी कला में नई जान फूंक रहे हैं और रचनात्मकता को प्रोत्साहित कर रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के पट्टन शहर के 28 वर्षीय मलिक मुख्तार एक सुलेख शिक्षक है। वह अपना प्रशिक्षण संस्थान चला रहा है। मुख्तार को शिल्प के लिए सराहना मिली है, लेकिन वे इसे घाटी में स्कूली छात्रों के बीच लोकप्रिय बनाना चाहते हैं।
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जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के पट्टन शहर के 28 वर्षीय मलिक मुख्तार एक सुलेख शिक्षक है। वह अपना प्रशिक्षण संस्थान चला रहा है। मुख्तार को शिल्प के लिए सराहना मिली है, लेकिन वे इसे घाटी में स्कूली छात्रों के बीच लोकप्रिय बनाना चाहते हैं।
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