{"_id":"5929c6154f1c1b4a015359f8","slug":"kashmir-will-face-a-decrease-in-terrorism","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सबजार की मौत से हिजबुल को बड़ा झटका, आतंकी वारदातों में आएगी कमी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सबजार की मौत से हिजबुल को बड़ा झटका, आतंकी वारदातों में आएगी कमी
amarujala.com- Written by: आशुतोष तिवारी
Updated Sun, 28 May 2017 10:21 AM IST
विज्ञापन
sabzar bhat
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कश्मीर घाटी में शनिवार को त्राल में हुई मुठभेड़ में हिजबुल कमांडर सब्जार अहमद भट्ट के मारे जाने की घटना को सेना की बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है। सब्जार की मौत के बाद घाटी में हिंसा बड़े पैमाने पर भड़क रही है लेकिन हिजबुल दिशाविहीन होता नजर आ रहा है।
दरअसल आठ जुलाई को हिजबुल के पोस्टर ब्वॉय बुरहान वानी के मारे जाने के बाद अस्थायी रूप से हिज्ब की कमान सब्जार अहमद भट्ट को सौंपी गई थी। दक्षिणी कश्मीर के कई युवाओं को अपने संगठन में शामिल करने में सब्जार ने बड़ी भूमिका निभाई थी।
वहीं जाकिर मूसा के कमांडर बनने के बाद सब्जार ने सोशल मीडिया पर ज्यादा सक्त्रिस्य रहने की बजाए जमीनी स्तर पर पकड़ बनानी शुरू की, नतीजतन बुरहान के मारे जाने के कुछ ही महीनों के भीतर अनंतनाग, शोपियां, पुलवामा औऱ कुलगाम के कई युवा मुख्यधारा को छोड़कर आतंकी बन गए। हाल ही में हिजबुल कमांडर मूसा ने जब संगठन छोड़ा तो ऐसा माना जा रहा था कि 19 और 20 मई के बीच सब्जार के पास हिजबुल की कमान आ गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
दरअसल आठ जुलाई को हिजबुल के पोस्टर ब्वॉय बुरहान वानी के मारे जाने के बाद अस्थायी रूप से हिज्ब की कमान सब्जार अहमद भट्ट को सौंपी गई थी। दक्षिणी कश्मीर के कई युवाओं को अपने संगठन में शामिल करने में सब्जार ने बड़ी भूमिका निभाई थी।
विज्ञापन
वहीं जाकिर मूसा के कमांडर बनने के बाद सब्जार ने सोशल मीडिया पर ज्यादा सक्त्रिस्य रहने की बजाए जमीनी स्तर पर पकड़ बनानी शुरू की, नतीजतन बुरहान के मारे जाने के कुछ ही महीनों के भीतर अनंतनाग, शोपियां, पुलवामा औऱ कुलगाम के कई युवा मुख्यधारा को छोड़कर आतंकी बन गए। हाल ही में हिजबुल कमांडर मूसा ने जब संगठन छोड़ा तो ऐसा माना जा रहा था कि 19 और 20 मई के बीच सब्जार के पास हिजबुल की कमान आ गई थी।
विज्ञापन
मूसा के संगठन छोड़ते ही श्रीनगर आया था सब्जार
मुठभेड़ के दौरान मोर्चा संभाले सेना के जवान
- फोटो : PTI
सूत्रों के मुताबिक मूसा के संगठन छोड़ते ही सब्जार श्रीनगर आया था। इस दौरान उसने कई हुर्रियत नेताओं और आईएसआई के एजेंटों से मुलाकत कर अपनी पकड़ और मजबूत करने की कोशिश की। शनिवार को मुठभेड़ में सब्जार के मारे जाने के बाद कश्मीर घाटी में हिजबुल नेतृत्वविहीन हो गया है।
कमांडर नहीं हो पाने की वजह से अब आतंकी वारदातों में कमी आने की आशंका जताई जा रही है। वहीं सब्जार के मारे जाने से घाटी में युवाओं को अपने संगठन में भर्ती करवाने में हिजबुल को खासी मुश्किलें पेश आएंगी।
कमांडर नहीं हो पाने की वजह से अब आतंकी वारदातों में कमी आने की आशंका जताई जा रही है। वहीं सब्जार के मारे जाने से घाटी में युवाओं को अपने संगठन में भर्ती करवाने में हिजबुल को खासी मुश्किलें पेश आएंगी।