कश्मीर: मरने वालों का आंकड़ा 19 तक पहुंचा
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अगले चार दिन के लिए मौसम के मिजाज बिगड़ने के आसार से रियासत के लोग बुरी तरह से सहमे हैं। एनडीआरएफ की आठ टीमें कश्मीर पहुंच गई हैं। अगर मौसम विभाग के अनुमान सही निकले तो इन दिनों में कश्मीर में फिर बाढ़ के हालात बन सकते हैं। मंगलवार की देर शाम घाटी में फिर बारिश शुरू हो गई।
तीन अप्रैल को तो 245 मिलीमीटर तक बारिश होने की आशंका है। सिर पर खड़ी इस मुसीबत से बचने के लिए हरसंभव एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं। सरकार और प्रशासन भी हालात पर लगातार नजर रखे है। सरकार ने बुधवार को खुलने वाले स्कूलों को अगले आदेश तक बंद रखने को कहा है।
इस बीच मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के करालगुंड इलाके के लादेन गांव में भूस्खलन के मलबे में दबे 15 लोगों के शव निकाल लिए गए हैं। एक अन्य की तलाश जारी है। पिछले दो दिनों में बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की तादाद 18 हो गई है।
अनुमान के मुताबिक मंगलवार को ज्यादातर स्थानों पर बूंदाबांदी ही होती रही। तेज बारिश थमने से नेशनल हाइवे को जम्मू से श्रीनगर के लिए एकतरफा खोलकर फंसे हुए वाहनों को निकाला गया। श्रीनगर में भी झेलम का जलस्तर कम हुआ।
सैलाब का डर, हजारों मकान क्षतिग्रस्त
सैलाब का डर सब पर हावी है। हजारों मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई मवेशियों की भी मौत हुई है। झेलम नदी किनारे जहां तटबंध टूटने का खतरा है, वहां 24 घंटे पुलिस पेट्रोलिंग कर रही है। नेशनल हाईवे पर 1500 आवश्यक सामग्री वाले वाहन समेत 900 यात्री वाहनों को श्रीनगर के लिए रवाना किया गया।
एसएसपी ट्रैफिक (हाईवे) का कहना है कि हाईवे को एकतरफा खोला गया है जिससे पेट्रोल, सब्जी, गैस सिलेंडरों समेत आवश्यक सामग्रियों से लदे वाहनों को श्रीनगर छोड़ा गया। कश्मीर घाटी में झेलम का जलस्तर दो फीट तक गिर गया। श्रीनगर के लाल चौक, जहांगीर चौक व बडसा चौक में भरे बारिश के पानी को निकाल दिया गया।
उधमपुर व कठुआ के ऊपरी इलाकों में हलकी बर्फबारी से ठंड में इजाफा हुआ है। नत्थाटाप व शिवगढ़ धार में हलकी बर्फबारी से तापमान गिरा है। कश्मीर के त्राल में चनकितर गांव में जमीन में लंबी दूरी तक दरार आ जाने से लोग दहशत में हैं। पुंछ में कलाई में बाढ़ में फंसे 60 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
स्कूल कालेज आज से खुलेंगे
कश्मीर के सभी स्कूल कालेज दो दिनों बाद पहली अप्रैल से खुलेंगे। स्कूली शिक्षा निदेशक शौकत अहमद बेग के अनुसार घाटी के सभी स्कूल बुधवार से खुलेंगे। ज्ञात हो कि भारी बारिश तथा बाढ़ के कारण 30 एवं 31 मार्च को स्कूल बंद कर दिए गए थे। परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई थीं।
जल स्तर में रिकॉर्ड की गई कमी (30 मार्च रात 10 बजे से लेकर 31 मार्च रात आठ बजे तक)
30 मार्च रात 10 बजे का झेलम नदी का जल स्तर
* संगम: 19.8 फीट (खतरे का निशान 23 फीट)
* राम मुंशीबाग: 19.5 फीट (खतरे का निशान 19 फीट)
* अशम: 12.85 फीट (खतरे का निशान 15 फीट)
31 मार्च रात आठ बजे तक झेलम नदी का जल स्तर
* संगम: 13.90 फीट (खतरे का निशान 23 फीट)
* राम मुंशीबाग: 16.95 फीट (खतरे का निशान 19 फीट)
* अशम: 12.33 फीट (खतरे का निशान 15 फीट)
जल स्तर में रिकॉर्ड हुई कमी
* संगम: 5.9 फीट
* राम मुंशीबाग: 2.55 फीट
* अशम: 0.52 फीट
कश्मीर में बाढ़ के हालात से खौफ
राज्य पुलिस को पिछले दो दिन में 30 हजार से अधिक फोन कॉल और मैसेज पहुंचे हैं। इसका कारण कश्मीर में आई बाढ़ है। लोग पल-पल की जानकारी लेने के लिए पुलिस के कंट्रोल रूम में पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस के प्रवक्ता के अनुसार कश्मीर में झेलम नदी के बारे जानकारी लेने के लिए कई क्षेत्रों से फोन कॉल, सोशल मीडिया के जरिये मैसेज आ रहे हैं।
पंथा चौक, राम मुंशी बाग, राजबाग, कोठीभाग, एमआर गंज, सफाकदल और परमपोरा में पुलिस ने अपने जवानों और अधिकारियों को तैनात किया है जो पेट्रोलिंग कर रहे हैं। पानी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। श्रीनगर के एसएसपी अमित कुमार का कहना है कि झेलम नदी के किनारे ट्यूब, रस्से और ट्रक सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।
नाबार्ड ने जारी किया 366 करोड़ का ऋण
नाबार्ड ने वर्ष 2014-15 वित्त वर्ष के दौरान राज्य में ग्रामीण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार को 366 करोड़ रुपये की ग्रामीण आधारभूत सुविधा विकास निधि ऋण सहायता जारी की है। वर्ष के दौरान प्राकृतिक आपदा के बावजूद यह पिछले वर्ष के 277 करोड़ रुपये के संवितरण से अधिक है।
इस वित्त वर्ष के दौरान आरआईडीएफ शृंखला 20 के तहत कुल 115 परियोजनाएं मंजूर की। इनमें सड़क और पुल से संबंधित 62, ग्रामीण बाजार यार्ड से एक, पशुपालन भेड़ पालन से एक से 33, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से 16 के लिए 307.91 करोड़ रुपये के आरआईडीएफ ऋण मंजूर किए गए हैं।
वर्ष 2014-15 के दौरान राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत की गई सभी परियोजनाओं को नाबार्ड ने मंजूरी दी। 31 मार्च 2015 की स्थिति के अनुसार अब तक नाबार्ड ने 4702 करोड़ की कुल 4837 परियोजनाओं को मंजूरी दी है और 20 शृंखलाओं में सरकार को रुपये 4030.35 करोड़ की राशि जारी की है।