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कश्मीर हिंसा लाठीजार्च, IS के झंडों के बीच हवाई फायरिंग
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Sun, 28 Jun 2015 01:07 AM IST
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श्रीनगर के पुराने शहर नौहट्टा स्थित ऐतिहासिक जामिया मस्जिद की मर्यादा को ठेस पहुंचने और कश्मीर विश्वविद्यालय के छात्र की गिरफ्तारी के विरोध में शनिवार को कश्मीर घाटी बंद रही। कई जगह हिंसक प्रदर्शन हुए। नौहट्टा इलाके में प्रदर्शन के दौरान फिर आतंकी संगठन आईएस और पाकिस्तानी झंडे लहराए गए। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए सुरक्षाबलों ने लाठीचार्ज किया। आंसू गैस के गोले दागे और हवाई फायरिंग की।
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श्रीनगर समेत घाटी के अधिकतर हिस्सों में बंद के दौरान सभी दुकानें, कारोबारी इदारे तथा शिक्षण संस्थान बंद रहे। सड़कों से वाहन गायब रहे। पुराने शहर के नौहट्टा, कावडारा, राजौरीकदल इलाकों के साथ-साथ अन्य कई इलाकों में प्रदर्शन किए गए। नाराज युवाओं ने आजादी के हक में नारेबाजी के अलावा भारत विरोधी नारेबाजी भी की।
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प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इलाके में इतने आंसू गैस के गोले दागे गए कि स्थानीय लोगों के आंखों में जलन होने लगी। हिंसक प्रदर्शनों के दौरान करीब आधा दर्जन प्रदर्शनकारी घायल हुए जबकि कुछ जवानों को भी चोटें लगी हैं। श्रीनगर के अलावा उत्तरी और दक्षिणी कश्मीर के भी लगभग सभी इलाकों में बंद का असर रहा। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद नौहट्टा इलाके में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे जिनमें से कुछ गोले जामिया मस्जिद के भीतर जा गिरे थे।
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इसके विरोध में मीरवाइज मौलवी उमर फारूक ने शनिवार को कश्मीर बंद का आह्वान किया था। मीरवाइज को एक रैली का भी आयोजन करना था लेकिन पुलिस ने शुक्रवार शाम से ही उन्हें नजरबंद कर दिया। कई अन्य अलगाववादी नेताओं को भी नजरबंद रखा गया था। घाटी बंद का समर्थन हुर्रियत (जी) के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी, जेकेएलएफ चेयरमैन मोहम्मद यासीन मालिक समेत सभी अलगाववादी नेताओं ने किया था।