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जम्मू-कश्मीर: एक साल से अंतरराज्यीय बस सेवा बंद, परिवहन निगम को करोड़ों रुपये का नुकसान

Sun, 11 Apr 2021 06:23 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Sun, 11 Apr 2021 06:23 PM IST
सार

  • कोरोना के कारण मार्च 2020 से अंतरराज्यीय बस सेवा बंद है
  • पांच वर्षों में 33 प्रतिशत तक का वित्तीय घाटा हुआ है

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JKSRTC news Interstate bus service stopped for one year
जेकेएसआरटीसी की बसें - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पहले से ही राजस्व का राजस्व घाटा झेल रही जम्मू-कश्मीर रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की हालात और बिगड़ी हुई है। 2019 में अनुच्छेद 370 हटने के कारण बंद और फिर 2020 में कोरोना लॉकडाउन ने कॉरपोरेशन कमर तोड़कर रख दी है। 

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कोरोना से पहले अंतरराज्यीय बस परिचालन से प्रतिदिन दस लाख से ज्यादा राजस्व आता था। लेकिन लॉकडाउन के बाद यह सेवा बंद है। एक साल से बसें बंद होने से यह नुकसान साढ़े तीन करोड़ से अधिक हो गया है। इसका असर कॉरपोरेशन प्रोजेक्ट और अन्य कल्याणकारी योजनाओं पर पड़ रहा है। कैग की रिपोर्ट भी बताती है कि 2014 से 2019 के पांच वर्षों में कॉरपोरेशन को 33 प्रतिशत तक का वित्तीय घाटा हुआ है। 
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अंतरराज्यीय रूट्स पर चलने वाली बसें अभी लखनपुर तक जाती हैं

कोरोना के कारण मार्च 2020 से कॉरपोरेशन की अंतरराज्यीय बस सेवा बंद है। अंतरराज्यीय बस परिचालन से आने वाला राजस्व कॉरपोरेशन के कुल राजस्व का बड़ा हिस्सा है। राजस्व न होने से कॉरपोरेशन के वर्तमान कर्मचारियों को वेतन और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनका लाभ नहीं मिल रहा है। अंतरराज्यीय बस सर्विस मैनेजर पवनदीप सिंह ने कहा कि अभी तक बस सेवा शुरू करने के निर्देश सरकार से नहीं मिले हैं। अंतरराज्यीय रूट्स पर चलने वाली बसें अभी लखनपुर तक जाती हैं।

अंतरराज्यीय परिचालन बंद होने से राजस्व पर असर तो पड़ा है। मेरे पास अभी वास्तविक डाटा नहीं है। अंतरराज्यीय मार्गों पर चलने वाली बसें प्रतिदिन 400 किमी तक चलती थीं, जो अब मुश्किल से सौ किमी तक चल रही हैं, जिसका असर राजस्व पर पड़ रहा है। --रविंद्र सिंह सलाथिया, अतिरिक्त निदेशक योजना, जेकेएसआरटीसी

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