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क्रिकेट: JKCA का फरमान, स्थानीय लीग में नहीं खेल सकेंगे पंजीकृत खिलाड़ी, हुआ विरोध

Fri, 15 Jul 2022 09:51 AM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Fri, 15 Jul 2022 09:51 AM IST
सार

जेकेसीए से खेल रहे एक वरिष्ठ खिलाड़ी ने कहा कि साल में सिर्फ चार महीने का क्रिकेट सीजन होता है। हमारे पास आय का कोई स्रोत नहीं है। स्थानीय लीग में खिलाड़ियों को खेलने की अनुमित नहीं देना गलत है।

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JKCA Jammu Kashmir Cricket Association told registered players not be able to play in local league
क्रिकेट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) की उप-समिति का आदेश खिलाड़ियों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। जेकेसीए ने पंजीकृत खिलाड़ियों को किसी भी स्थानीय लीग के साथ खेलने की अनुमित नहीं दी है, जबकि जेकेसीए के साथ इन खिलाड़ियों का कोई अनुबंध भी नहीं है। उप-समिति के इस फरमान से खिलाड़ी परेशानी हैं, क्योंकि चार महीने के क्रिकेट सीजन के अलावा उनके पास आय का कोई स्रोत नहीं है।

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बीबीसीआई द्वारा नियुक्ति जेकेसीए उप-समिति क्रिकेट में आए दिन नए-नए फरामन जारी कर रही है। इसका परिणाम खिलाड़ियों को स्थानीय लीग में खेलने की अनुमित नहीं देना है। क्रिकेटर स्थानीय लीग से अपनी आय अर्जित करते हैं। जेकेसीए से खेल रहे एक वरिष्ठ खिलाड़ी ने कहा कि साल में सिर्फ चार महीने का क्रिकेट सीजन होता है। 
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इसमें हमें मैच फीस मिलती है, जो बीसीसीआई ने तय की है। इसके बाद हमारे पास आय का कोई स्रोत नहीं होता है। जेकेसीए हमारे साथ कोई समझौता तो करता नहीं है। ऐसे में स्थानीय लीग में खिलाड़ियों को खेलने की अनुमित नहीं देना गलत है। जेकेसीए खिलाड़ियों के लिए प्रोटोकॉल तय करे कि किस स्तर की लीग में खिलाड़ी खेल सकते हैं, लेकिन पूरी तह से खेलने में प्रतिबंध लगाना तो ठीक नहीं है। 
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उन्होंने कहा कि जेकेसीए का सिलेक्शन कमेटी के सदस्यों, कोच और स्पोटिंग स्टाफ के साथ तो समझौता रहता है, उन्हें समझौते के तहत पैसा मिलता है, लेकिन हमारे साथ ऐसा कुछ नहीं है। इस पर जेकेसीए को कुछ सोचना चाहिए।

जो खिलाड़ी पिछले वर्ष प्रदेश की टीम का हिस्सा रहे हों या इस वर्ष हुए टेलेंट हंट में चुने गए हैं, वे किसी भी जेकेसीए से अनुमति लिए बिना आयोजित क्रिकेट लीग में हिस्सा नहीं ले सकते। यह बीसीसीआई का नियम है, जिसे खिलाड़ियों को मानना पडे़गा। अन्यथा नियमों के तहत कार्रवाई होगी। -ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता, सदस्य उप समिति जेकेसीए।


उप समिति के कामकाज पर भी सवाल

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) का कामकाज देखने के लिए बनाई तीन सदस्यीय उप-समिति के कामकाज पर भी जिला क्रिकेट एसोसिएशन और क्लब सवाल उठा रहे हैं। जिला क्रिकेट एसोसिएशन जेकेसीए पर बजट आबंटित नहीं करने का आरोप लगा रहे हैं। जेकेसीए द्वारा करवाए टेलेंट हंट में जिला क्रिकेट एसोसिएशन को साथ नहीं लिया गया था। एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि उप- समिति का कामकाज तानाशाह रवैये वाला है।

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