झज्जर कोटली हमला: आतंकियों की घुसपैठ के संभावित रूट को एनआईए समेत दो टीमों ने खंगाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कश्मीर की ओर रवाना हो रहे आतंकियों के साथ झज्जर कोटली में एनकाउंटर के बाद से लगातार एनआईए आतंकियों की घुसपैठ के रूट और मिल रही मदद के नेटवर्क की छानबीन में जुटी हुई है। सांबा जिला के टपियाल से सटे बेई नाले से एनआईए की टीम और एंटी साबोटेज टीम कठुआ ने आतंकियों की घुसपैठ के संभावित रूट को खंगाला।
इस दौरान बेई नाले के आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ की गई और मेटल डिटेक्टर से इलाके की जांच की। लगभग आठ घंटे तक चले जांच अभियान के बाद एनआईए के टीम में शामिल डीआईजी और एसपी स्तर के अधिकारी, बीएसएफ के उच्च अधिकारी, एसओजी के अधिकारी और सीआरपीएफ के अधिकारी लौट गए। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास सुरंग की संभावना के चलते पुलिस और सेना की ओर से संयुक्त तलाशी अभियान चलाया गया था। ज्ञात हो कि 12 व 13 सितंबर को झज्जर कोटली में मुठभेड़ में तीन आतंकी मारे गए थे।
दियालाचक से सटे तरनाह नाले को भी खंगाला गया। दरअसल झज्जर कोटली आतंकी हमले के बाद ऐसा अंदेशा जताया जा रहा था कि आतंकियों ने बेई नाले से ही घुसपैठ की थी। सूत्रों के अनुसार आतंकियों को लेने के लिए बाकायदा ट्रक दियाला चक में रातभर रुका रहा। रास्ता भटक कर आतंकियों का दल बेई नाले से होता हुआ टपियाल के पास से ट्रक में सवार होकर कश्मीर के लिए रवाना हुआ था। ऐसा भी सामने आया था कि इससे पहले भी ट्रक चालक आतंकियों को कई बार अंतराष्ट्रीय सीमा से सटे हाइवे से कश्मीर तक पहुंचा चुका था।
तारबंदी नहीं कटी तो क्या सुरंग से आए थे आतंकी?
सूत्रों के अनुसार अंतराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ की बात सामने आ रही है। बीएसएफ सिरे से ही अंतराष्ट्रीय सीमा से होने वाली घुसपैठ को नकारती रही है। न ही तारबंदी को नुकसान हुआ है और न ही कोई और जरिया सामने आया है, जिससे आतंकियों ने घुसपैठ की हो। ऐसे में यदि तारबंदी नहीं कटी तो सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह और भी गंभीर मामला हो सकता है।
जिस तरह से ट्रक चालक रूटीन में आतंकियों को कश्मीर तक सुरक्षित पहुंचाने का काम करता रहा है उससे साफ है कि आतंकी किसी सेफ रूट का इस्तेमाल कर रहे थे। ऐसे में अंतराष्ट्रीय सीमा पर सुरंग की संभावना को शून्य करना भी जरूरी है। सोमवार को भी अंतराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में इसी वजह से सर्च आपरेशन चलाए जाने की सूचना है।
आंतकी घुसपैठ को लेकर इनपुट जारी होने के बाद जिला पुलिस सेना के साथ मिलकर अंतराष्ट्रीय सीमा के सभी इलाकों को खंगालने में जुटी है। झज्जर कोटली मामले के बाद से पुलिस ने समीक्षा कर सुरक्षा घेरे को और भी मजूबत किया है। सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक जिलाभर में हाइवे से लेकर बार्डर से सटे इलाकों में कड़ी नाकेबंदी भी रही।