बडों को छोड़ छोटों पर बरसा जेडीए का हथौड़ा
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अतिक्रमण हटाने, साफ-सफाई और सुधार करने के नजरिये जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए) की टीम ने ट्रांसपोर्ट नगर में अभियान चलाया गया है। दिवाली से पहले चलाए गए अभियान के तहत ट्रांसपोर्ट नगर में बुधवार को अवैध खोखो पर हथोड़ा चलाया गया है।
आठ से दस खोखों पर हथोड़ा चला। जेडीए इस कार्रवाई को छह घंटे में मुकम्मल किया। जेडीए की वाइस चेयरपर्सन सुषमा चौहान ने साफ कर दिया है कि बिना अलाटमेंट वालों के लिए जेडीए के पास कोई जगह नहीं है।
जेडीए की जेसीबी और क्रेन ने ट्रांसपोर्ट नगर में अभियान चलाया। इस दौरान जंक, स्क्रैप उठाने के साथ - साथ अतिक्रमण भी हटाया गया है। कार्रवाई में आठ-दस खोखे भी आए, जोकि अवैध थे, टीम के सदस्यों ने मौके पर ही इन्हें तोड़ दिया।
खोखों वालों पर की गई कार्रवाई
ट्रांसपोर्ट नगर की हालत बहुत ही खराब है। सड़क, बिजली, नालियों की खस्ताहाल स्थिति को सुधारने के मकसद भी जेडीए ने अभियान शुरू किया है, ताकि वहां के सहीं अलाटमेंट हुए लोगों को साफ सुथरा और स्वच्छ माहौल मिल सके।
वीसी सुषमा चौहान के मुताबिक जेडीए ने ट्रांसपोर्ट नगर में 1500 लोगों को अलाटमेंट की गई। जल्द ही सभी लोगों के दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी। इस दौरान लोग गैर कानूनी ढंग से ट्रांसपोर्ट नगर में अड्डा जमाए बैठे हैं।
उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा, क्योंकि ऐसे लोगों की वजह से व्यवस्था प्रभावित होती है। भविष्य में जल्द ही इस मामलों को काफी गंभीरता के साथ देखा जाएगा। उन्होंने साफ कर दिया है। भविष्य में दस-पंद्रह दिन अभियान जारी रहेगा।
मकान की बॉलकनी पर चला निगम का हथौड़ा
नगर निगम के खिलाफ वर्जी विंग की टीम ने डिगियाना, बाबा बालक नाथ हाल से सटी गली में एक मकान की बॉलकनी पर हथोड़ा चलाया। नगर निगम कमिश्नर किरण वात्तल के नेतृत्व में कर्मचारियों ने कार्रवाई करते हुए निर्माण को मलबे में तब्दील कर दिया। हालांकि लोगों ने इसका विरोध किया, लेकिन पुलिस बल साथ होने के कारण हल्ला नहीं होने दिया गया।
नगर निगम कमिश्नर वातल को सूचना मिली कि डिग्यिाना इलाके में नक्शे से हटकर एक व्यक्ति की ओर से बॉलकनी का निर्माण किया गया है। टीम के सदस्यों ने जाकर मौका देखा तो सूचना सही पाई गई। कमिश्नर वात्तल के नेतृत्व में चीफ खिलाफवर्जी, खिलाफवर्जी अफसर रविंद्र शर्मा, अब्दुल गनी और मदन लाल सहित स्टाफ के सदस्यों ने बॉलकनी को हथोड़ों से वार करके तोड़ दिया।
कमिश्नर के मुताबिक नक्शे से हटकर निर्माण किया जा रहा था, भविष्य में इसके बुरे परिणाम निकल सकते थे। चेतावनी देने के बावजूद संबंधित लोगों ने निगम के आदेशों की अनदेखी की थी और निगम ने कार्रवाई को अंजाम देकर बॉलकनी को तोड़ दिया। इसके बाद निगम की टीम ने दोबारा अवैध निर्माण न करने की चेतावनी दी।