जम्मू-श्रीनगर हाइवे एकतरफा ट्रैफिक के लिए खुला
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जम्मू कश्मीर में भारी बारिश, बर्फबारी और भूस्खलन से पांच दिन से बंद पड़ा जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग सेना और प्रसाशन के प्रयासों के बाद शनिवार को एक तरफा छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया।
सीनियर पुलिस अधिकारी के मुतबिक फिलहाल ट्रैफिक को जम्मू से श्रीनगर की ओर के लिए खोला गया है। हाईवे पर किसी भी वाहन को विपरीत दिशा से आने की इजाजत नहीं दी गई है। आपतो बताते चलें कि बुधवार को रामबन से बनिहाल तक पड़ी पस्सियों व बर्फ को दोपहर तक हटाकर फंसे वाहनों को श्रीनगर की तरफ रवाना कर दिया गया था।
पिछले पांच दिन से जम्मू में 4000 से अधिक फंसे लोगों ने जम्मू मुख्य बस स्टैंड में फंसे यात्रियों ने सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। लोगों ने मांग की कि उनके रहने, खाने-पीने के अलावा एयरलिफ्ट कर श्रीनगर पहुंचाने का इंतजाम किया जाए।
20 हजार लोग विभिन्न स्थानों पर फंसे
300 किमी लंबा यह नेशनल हाइवे लैंडलॉक कश्मीर घाटी की जीवन रेखा माना जाता है। नेशनल हाइवे के बंद हो जाने के चलते श्रीनगर में खाने पीने की जरुरी सामान की भारी किल्लत शुरु हो गई है। नेशनल हाइवे के बंद हो जाने के बाद जम्मू- श्रीनगर के बीच हवाई किराया आसमान छू रहा है।
अगले 24 घंटों के लिए सभी जिलों को भूस्खलन के खतरे से हाई अलर्ट पर रखा गया है। मां वैष्णो देवी के लिए हेलीकाप्टर सेवा बंद है। करीब 20 हजार लोग विभिन्न स्थानों पर फंसे होने के कारण घर नहीं पहुंच पा रहे हैं। विभिन्न स्थानों पर दर्जनों घर जमींदोज हो चुके हैं। कच्चे और जर्जर मकानों के लिए खतरा बढ़ता ही जा रहा है।
सेना राहत कार्यों में जुट गई है। रामसू के पास गामा गांव में खिसकते पहाड़ों को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से 24 डोजर लगाए गए हैं। इसमें बीआरओ, सेना, रेलवे और अन्य विभागों की मदद ली गई है। किश्तवाड़ जिले में बर्फ में फंसे 220 लोगों को वायुसेना ने चॉपर से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।