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आधी आबादी: जम्मू कश्मीर में इन योजनाओं का लाभ उठाएं महिलाएं, बढ़ें सशक्तिकरण की ओर
Tue, 24 May 2022 05:07 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Tue, 24 May 2022 05:07 PM IST
सार
एआईसीटीई छात्रवृत्ति योजना हो या फिर हौंसला, तेजस्विनी, उम्मीद, एलजी सुपर-75, परवाज, मुमकिन जैसी पहलों से महिलाओं को सशक्त किया जा रहा है।
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विस्तार
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक विकास के साथ शिक्षा तक उनकी पहुंच को सुनिश्चित करने के लिए सरकार की तरफ से एक लिंग समावेशी पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत किया जा रहा है। लड़कियां ज्ञान, कौशल और आत्मविश्वास से सुसज्जित होकर शासन के सभी स्तरों पर शामिल हों, इसके लिए सरकार कई पहल कर रही है।
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एआईसीटीई छात्रवृत्ति योजना हो या फिर हौंसला, तेजस्विनी, उम्मीद, एलजी सुपर-75, परवाज, मुमकिन जैसी पहलों से महिलाओं को सशक्त किया जा रहा है। प्रदेश में महिला उद्यमिता तंत्र विकसित करने के लिए सरकार कई पहल कर रही है। महिलाओं के कौशल प्रशिक्षण और पुन: कौशल को महत्व दिया जा रहा ताकि भविष्य में वह सशक्त हो सकें। इसके परिणाम भी मिल रहे हैं। प्रदेश की महिलाएं इन योजनाओं का लाभ ले सकती हैं।
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कश्मीर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में 94 स्वर्ण पदक विजेता थे, जिनमें से 77 प्रतिशत यानी 66 लड़कियां थीं। इस तरह इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के दीक्षांत समारोह में अधिकांश स्वर्ण पदक विजेताओं में लड़कियां थीं।
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सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के लिए सामाजिक और आर्थिक समानता को सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रदेश और देश के निर्माण के लिए तकनीकी क्षेत्र में महिला सशक्तीकरण और समान उपस्थिति बड़ी महत्वपूर्ण है। प्रदेश सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए डोमिसाइल सर्टिफिकेट (प्रक्रिया) नियम, 2020 के जम्मू-कश्मीर अनुदान में एक खंड जोड़ा, जिससे प्रदेश के बाहर विवाहित एक मूल महिला के पति या पत्नी को अधिवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने की अनुमति मिली।
उपराज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर के पहले महिला साइकिलिंग क्लब ‘वीमेन डू राइड’ के सदस्यों के साथ बैठक में कहा है कि सरकार हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित कर रही है।