jammu kashmir: जम्मू विवि में अब कागज रहित होगी थीसिस, धन्वंतरी पुस्तकालय में ऑनलाइन होगा रिकॉर्ड
पुस्तकालय प्रभारी प्रो. बिक्रम साही ने बताया कि ऑफलाइन मोड से थीसिस को संभालना मुश्किल हो रहा है। पुस्तकालय का मूल ढांचा भी विकसित किया जा रहा है, ताकि छात्रों को पढ़ाई में आसानी हो सके।
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जम्मू विश्वविद्यालय के धन्वंतरी पुस्तकालय में प्लेजरिज्म मूल्यांकन के लिए सामग्री अब ई-मेल से मंगवाई। थीसिस भी कागज रहित होगी, जिसका पुस्तकालय के पास ऑनलाइन रिकॉर्ड रहेगा। संबंधित विभागों को भी इस बारे में सूचना भेज दी गई है।
विभागों की तरफ से ई-मेल के माध्यम से शोधार्थियों की थीसिस मंगवाने का प्रावधान रखा गया है। इसमें शोधार्थी का नाम, नामांकन संख्या, विषय, उप विषय और शोध निर्देश समेत अन्य जानकारियां मांगी जाएंगी।
प्लेजरिज्म मूल्यांकन के बाद थीसिस को शोध गंगा पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसका अन्य शोधार्थियों को भी भविष्य में लाभ मिलेगा। पुस्तकालय प्रभारी प्रो. बिक्रम साही का कहना है कि विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि ऑफलाइन मोड से थीसिस को संभालना मुश्किल हो रहा है। पुस्तकालय का मूल ढांचा भी विकसित किया जा रहा है, ताकि छात्रों को पढ़ाई में आसानी हो सके।
शिक्षण व प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित की जा रही लाइब्रेरी
प्रो. साही का दावा है कि जल्द ही धन्वंतरी पुस्तकालय को शिक्षण व प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाना है। संबंधित सदस्यों के साथ इस बारे में बैठक हो चुकी है। अब इसे अकादमिक ही नहीं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं का पुस्तकालय भी बनाया जाएगा।
इसमें अकादमिक और प्रेरक पुस्तकों के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं और ई-माध्यम से पुस्तकें उपलब्ध करवाई जाएंगी। करीब 90 फीसदी छात्र पुस्तकालय में बैठकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।
उन्हें पुस्तकें खरीदनी पड़ती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पहल की जा रही है। साथ ही मॉक टेस्ट करवाने के बारे में भी विचार किया जा रहा है।
13 को होगा कार्यक्रम
पुस्तकालय प्रभारी प्रो. बिक्रम साही ने कहा कि शिक्षकों और छात्रों को धन्वंतरी के नाम से रू-ब-रू करवाना है। इसी उद्देश्य से कार्यक्रम करवाया जाएगा। इतिहास विभाग की प्रो. मधुलिका सिंह मुख्य वक्ता रहेंगी। धन्वंतरी के सामाजिक योगदान से सभी को अवगत करवाया जाएगा।