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जम्मू कश्मीर: प्रदेश में आरक्षण पर बड़ी खबर, 15 नए वर्ग सामाजिक जाति सूची में शामिल, देखें सूची

Sat, 22 Oct 2022 03:04 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Sat, 22 Oct 2022 03:04 PM IST
सार

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 15 नए वर्गों को सामाजिक जाति सूची में शामिल करके इसे फिर से बनाने का आदेश जारी किया है। सूची में नए वर्गों में जाट, पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थी (एससी के अलावा), गोरखा, वाघी, शामिल हैं।

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Jammu kashmir social caste list news 15 More Classes Get Reservation Benefits
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में पश्चिमी पाकिस्तान रिफ्यूजियों, जाटों समेत 15 बिरादियों को अन्य सामाजिक जाति (ओएससी) में शामिल कर सरकार ने दिवाली का तोहफा दिया है। अब इन्हें सरकारी नौकरियों में अन्य ओएससी की तरह चार फीसदी का आरक्षण मिलेगा। इससे जम्मू-कश्मीर के लाखों लोगों को लाभ मिलेगा। सरकार ने सामाजिक व शैक्षिक पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिश पर इस आशय का आदेश जारी किया है। जम्मू कश्मीर आरक्षण नियम 2005 में आयोग की सिफारिशों के अनुसार उप राज्यपाल ने संशोधन के निर्देश दिए जिसके बाद समाज कल्याण विभाग ने आदेश जारी किया। अब आरक्षण सूची में 42 जातियां शामिल हो गई हैं। पहले 27 जातियां थीं। 

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Jammu - फोटो : ANI

सरकार की तरफ से जारी अधिसूचना के अनुसार पश्चिमी पाकिस्तानी रिफ्यूजियों (अनुसूचित जाति को छोड़कर), जाट, वागे (चोपान), गिराथ, भट्टी, चंग, सैनी, पौनी वाला या मार्कवंस, सोची, हिंदू वाल्मीकि से तबदील हुई ईसाई बिरादरी, सुनार और तेली बिरादरी (जिसमें मुस्लिम तेली के अलावा हिंदू तेली भी शामिल हैं) को भी आरक्षण का लाभ मिलेगा। इनके अलावा कैरव, पेरणा, बोजरू, दुबदबे ब्राह्मण, गोरखा, गुरकान और आचार्य बिरादरी भी शामिल है।

समाज कल्याण विभाग की अधिसूचना में सरकार ने मौजूदा सामाजिक जातियों के नामों में कुछ संशोधन भी किए हैं। जम्मू कश्मीर आरक्षण नियम 2005 के तहत पहाड़ी भाषी लोगों की जगह अब पहाड़ी एथनिक पीपुल्स का प्रयोग किया जाएगा। अधिसूचना के अनुसार पोर्टर, जूता मरम्मत करने वालों (मशीनों की सहायता के बिना काम करने वाले), बंगी खाक्रोब (स्वीपर), नाई, धोबी और डूम की जगह क्रमश: कुम्हार, मोची, बंगी खाक्रोब, हज्जाम-नाई, धोबी और डूम (एससी को छोड़कर) किया गया है।
 

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दो वर्ष पहले गठित किया गया था आयोग

अधिनियम 2004 के तहत 15 नई जातियों को ओएससी में शामिल किया गया है। सामाजिक व पिछड़ा वर्ग आयोग 2020 में सरकार की ओर से गठित किया गया था। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) जी डी शर्मा इसके प्रमुख हैं। लंबे समय से इन जातियों की ओर से आरक्षण की मांग की जा रही थी। 

ओएससी के लिए चार प्रतिशत आरक्षण है।  चयनित 15 जातियों के लोगों को भी इसमें जोड़ा गया है। रोजगार लेने में सुविधा मिलेगी। फैसले से लाखों लोगों को सुविधा मिलेगी। - शीतल नंदा, सचिव, सोशल वेलफेयर विभाग

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