जम्मू-कश्मीरः विधान परिषद भवन को डीडीसी कार्यालय बनाने के लिए उपराज्यपाल को भेजा गया प्रस्ताव
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नागरिक सचिवालय जम्मू में विधान परिषद के खाली पड़े भवन को जिला विकास परिषद जम्मू का कार्यालय बनाने का प्रस्ताव सरकार को सौंपा गया है। डीडीसी अध्यक्ष भारत भूषण ने डीसी सुषमा चौहान के माध्यम से उपराज्यपाल को प्रस्ताव भेजा है। अगर इस प्रस्ताव पर सरकार की मुहर लगती है तो किराए की इमारत पर खर्च होने वाले लाखों रुपये की बचत के साथ ही परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व सदस्यों को सुरक्षित इमारत भी मिल सकेगी।
राज्य से केंद्र शासित प्रदेश बने जम्मू-कश्मीर में विधान परिषद का अस्तित्व खत्म हो चुका है। ऐसे में साल 2019 से ही विधान परिषद की इमारत खाली पड़ी हुई है। इस इमारत के एक हिस्से में फिलहाल नागरिक सचिवालय में काम करने वाले कर्मचारियों के बच्चों के लिए क्रेच चल रहा है।
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जिला विकास परिषद के अध्यक्ष भारत भूषण का कहना है कि डीसी सुषमा चौहान ने उन्हें बताया कि जिला विकास परिषद के कार्यालय के लिए किराए की इमारत देखी जा रही है। इस पर उन्होंने कहा कि किराए की इमारत पर साल में लाखों रुपये सरकार के खर्च होंगे। विधान परिषद की खाली पड़ी इमारत को जिला विकास परिषद के कार्यालय के तौर पर प्रयोग किया जा सकता है। यहां पर सुरक्षा के साथ-साथ पार्किंग की भी सुविधा उपलब्ध है। विधान परिषद के सदन में काउंसिल की बैठक आयोजित करने में भी मदद मिलेगी।
अध्यक्षों व उपाध्यक्षों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाएः भारत भूषण
अध्यक्ष भारत भूषण ने कहा कि शपथ ग्रहण के बाद भी उन्हें सरकार की तरफ से सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई गई है। आए दिन जम्मू से आतंकवादी पकड़े जा रहे हैं। ऐसे में जम्मू संभाग के जिला विकास परिषद के अध्यक्षों व उपाध्यक्षों को पर्याप्त सुरक्षा कवर मुहैया करवाया जाना चाहिए।