पीडीपी ने फिर ‘सेल्फ रूल’ का कार्ड खेला
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पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने ‘सेल्फ रूल’ के तहत राज्य में विकास का वादा किया है। घोषणापत्र के प्रमुख मुद्दों में सेल्फ रूल के फ्रेमवर्क का पुनर्निर्माण, भ्रष्टाचार से लड़ने वाला प्रभावी प्रशासन, राज्य की बिखरी अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण, असरदार सरकार, भाईचारे का माहौल, युवाओं को रोजगार के अवसर मुहैया करवाना शामिल है।
पार्टी अध्यक्ष व सांसद महबूबा मुफ्ती ने विधानसभा चुनाव के लिए वीरवार को घोषणापत्र जारी किया। इस मौके पर पार्टी संरक्षक मुफ्ती मोहम्मद सईद, मुजफ्फर हुसैन बेग, तारिक हमीद कर्रा, ऐआर वीरी, अल्ताफ बुखारी, मौलवी इमरान अंसारी और नईम अख्तर भी मौजूद थे। पीडीपी के वरिष्ठ नेता हसीब द्राबू ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए पार्टी घोषणापत्र के विभिन्न पहलुओं को सबके सामने रखा।
अनुच्छेद 370 के तहत मिले विशेष दर्जे के माध्यम से लोगों को सशक्त बनाते हुए उनकी पहचान, बार्डर और शासन पर जोर दिया जाएगा। अनुच्छेद 370 का इस्तेमाल कर विशेष दर्जे को बरकरार रखा जाएगा। अनुच्छेद 370 का राजनीतिक संवाद से निजी जिम्मेदारी, अर्थव्यवस्था, भावनाओं, समाज की संवेदनशीलता और संस्थानों का विचारधाराओं पर असर रहा है।
अनुच्छेद 370 से बहाल रखा जाएगा
अनुच्छेद 370 पर छिड़ी राजनीतिक बहस को ध्यान में रखते हुए पीडीपी ने अपना रुख स्पष्ट करने और कश्मीर के आवाम में संदेश देने की कोशिश की है कि विशेष दर्जे का पूरा ध्यान रखा जाएगा। हसीब द्राबू ने कहा कि पीडीपी की आकांक्षा है कि जम्मू कश्मीर को राजनीतिक सशक्त, आर्थिक आत्मनिर्भर, सुरक्षित वातावरण, सामाजिक जुड़ाव और सांस्कृतिक रूप से आकर्षक बनाया जाए।
सेल्फ रूल का डिजाइन : पार्टी ने पीडीपी के सेल्फ रूल दस्तावेज को कश्मीर की अवाम का मार्गदर्शक बताया है। इसमें एलओसी पर संबंधों को सुधारना, बार्डर को असंगत बनाना, पूर्ण संपर्क, फ्री ट्रेड जोन, सामान आर्थिक बाजार, नवीन संस्थानों की व्यवस्था, व्यापार और शुल्क के लिए ज्वाइंट रेगुलेटरी कमीशन बनाने समेत राज्य विधानसभा की ताकतों को बहाल करना और उप-संभागों को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।