जम्मू कश्मीर: ढांगरी आतंकी हमले की जांच के लिए एनआईए की टीम भी पहुंची, 15 घंटों के भीतर छह की मौत, नौ घायल
पीड़ितों के परिवार वालों और लोगों ने ढांगरी चौक पर शव रखकर दिन भर प्रदर्शन किया। पूरी तरह से बंद राजोरी में चक्का जाम के बीच प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे जम्मू-कश्मीर पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने भरोसा दिलाया कि ग्रामीण सुरक्षा समितियों को हथियार लौटाए जाएंगे। इस बीच उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने हमले में मारे गए लोगों के परिवारों को 10-10 लाख और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की है।
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नियंत्रण रेखा (एलओसी) से सटे राजोरी जिले के ढांगरी गांव को दहशतगर्दों ने 15 घंटे के भीतर दूसरी बार दहला दिया। रविवार शाम घरों में घुसकर चार लोगों को मौत के घाट उतारने के दौरान आतंकियों ने एक पीड़ित दीपक के घर पर आईईडी लगा दी थी। सोमवार सुबह करीब 9.30 बजे आईईडी धमाका हुआ, जिसमें चार साल के विहान और उसकी चचेरी बहन सुमीक्षा (16) की मौत हो गई। धमाके की जद में आए नौ और लोग घायल हो गए, जिन्हें जीएमसी पहुंचाया गया।
उधर, पीड़ितों के परिवार वालों और लोगों ने ढांगरी चौक पर शव रखकर दिन भर प्रदर्शन किया। पूरी तरह से बंद राजोरी में चक्का जाम के बीच प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे जम्मू-कश्मीर पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने भरोसा दिलाया कि ग्रामीण सुरक्षा समितियों को हथियार लौटाए जाएंगे। इस बीच उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने हमले में मारे गए लोगों के परिवारों को 10-10 लाख और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की है।
घायलों को एक-एक लाख रुपये देने का एलान किया। रविवार शाम को करीब साढ़े छह बजे ढांगरी गांव में आतंकियों ने चार घरों को निशाना बनाया था। आतंकियों ने तीन घरों में घुसकर फायरिंग की थी। जंगल के रास्ते से पहाड़ की ढलान पर पहला घर दीपक का था, जिसे निशाना बनाने के बाद आतंकी वहीं पर आईईडी भी लगा गए थे। हमले में चार लोगों की जान चली गई थी।
आतंकी हमले के बाद पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। सोमवार सुबह नाकेबंदी के बीच ढांगरी के ग्रामीण चारों शवों को साथ लेकर ढांगरी चौक पहुंच गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। उधर, हमले में मारे गए दीपक, प्रीतम लाल, आशीष और सतीश के घर पर पुलिस और अन्य लोगों की आवाजाही होती रही, लेकिन घरों को ठीक से सैनिटाइज नहीं किया गया।
इसी दौरान सुबह 9.30 बजे दीपक के घर के बरामदे में जोरदार धमाका हुआ। घटनास्थल पर मौजूद 11 लोग लहूलुहान हो गए। चार साल के विहान की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि अन्य दस घायलों को सुरक्षा बलों और लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां रिश्ते में विहान की बहन सुमीक्षा ने भी दम तोड़ दिया।
यह आईईडी हमला था जिसे सुरक्षा बलों के अफसरों को टारगेट करने के लिए प्लांट किया गया था। - दिलबाग सिंह, डीजीपी
पूरे जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन, किश्तवाड़ बंद आज
राजोरी हमले के विरोध में पाकिस्तान के खिलाफ लोगों में जबर्दस्त आक्रोश है। पूरे जम्मू-कश्मीर में विभिन्न संगठनों की ओर से सोमवार को प्रदर्शन किए गए। पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी करने के साथ ही पाकिस्तान का झंडा फूंका गया। राजोरी बंद के साथ ही पुंछ, जम्मू, सुंदरबनी, कठुआ, सांबा, उधमपुर, किश्तवाड़ तथा अन्य जिलों में प्रदर्शन हुए।
एनआईए ने शुरू की जांच
राजोरी में दोहरे आतंकी हमले की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने भी जांच शुरू कर दी है। रविवार शाम को फायरिंग और सोमवार सुबह हुए आईईडी धमाके के बाद एनआईए की टीम जांच के लिए ढांगरी गांव पहुंची। टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया।
सुरक्षा में लापरवाही की होगी जांच : एलजी
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने ढांगरी में आतंकी हमले के बाद आईईडी धमाके में सुरक्षा एजेंसियों की लापरवाही के आरोपों पर जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को राजोरी के ढांगरी गांव में पीड़ित परिवारों से उनके घर मिलने पहुंचे एलजी ने कहा, लापरवाही से विस्फोट मामले की गंभीरता से जांच के लिए जांच समिति गठित होगी।
उन्होंने कहा, आतंकियों से हिसाब बराबर किया जाएगा। सुरक्षा बलों को आतंकियों के पनाहगारों को ढूंढ निकालने के निर्देश दिए गए हैं। एलजी ने कहा, किसी भी मौत का मुआवजा नहीं होता, बल्कि वित्तीय सहायता प्रशासन का धर्म होता है। पीड़ित परिवारों को दस-दस लाख रुपये की मदद और एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी।