{"_id":"6080971d8ebc3e2456615827","slug":"jammu-kashmir-news-srinagar-leh-highway-opened-within-110-days","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर : श्रीनगर-लेह राजमार्ग को 110 दिनों के भीतर खोला, लद्दाख को राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर : श्रीनगर-लेह राजमार्ग को 110 दिनों के भीतर खोला, लद्दाख को राहत
Thu, 22 Apr 2021 02:50 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 22 Apr 2021 02:50 AM IST
सार
- 11,650 फीट की ऊंचाई पर स्थित जोजिला श्रीनगर-लेह हाईवे एक सामरिक महत्व का पास है
- लद्दाख संभाग में तैनात सेना और अन्य सुरक्षाबलों के ऑपरेशनल तैयारियों के लिए लाइफलाइन है
विज्ञापन
जोजिला श्रीनगर-लेह हाईवे...
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कश्मीर को लद्दाख से जोड़ने वाले जोजिला पास को सड़क सुरक्षा संगठन (बीआरओ) ने 110 दिनों के भीतर यातायात के लिए खोल दिया। आम तौर पर लगभग 150 दिन में इसे खोला जाता रहा है। बीआरओ के महानिदेशक ने लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी ने इस मौके पर कहा कि रामनवमी के और पवित्र रमजान के महीने में इस मार्ग का खुलना लद्दाख के लोगों के लिए बड़ी सौगात है।
विज्ञापन
11,650 फीट की ऊंचाई पर स्थित जोजिला श्रीनगर-लेह हाईवे एक सामरिक महत्व का पास है और लद्दाख संभाग में तैनात सेना और अन्य सुरक्षाबलों के ऑपरेशनल तैयारियों के लिए लाइफलाइन है। सर्दियों की शुरुआत में बर्फबारी होने के चलते अक्सर यह पास नवंबर के दूसरे सप्ताह में बंद हो जाता है। इसे अप्रैल के आखिरी सप्ताह में खोला जाता है।
विज्ञापन
प्रोजेक्ट बीकन के अधिकारी ने बताया कि हर वर्ष इस मार्ग को भारत और चीन के बीच पैदा हुए गतिरोध के बाद इसे जल्द खोलने के निर्देश दिए गए थे। इस बीच प्रोजेक्ट बीकन और जोजिला के उस पार कारगिल वाले छोर से प्रोजेक्ट विजयक के जवानों और अधिकारियों ने इसे 31 दिसंबर, 2020 तक खुला रखा और इसे ऑपरेशन स्नो लेपर्ड का नाम दिया गया था।
विज्ञापन
खराब मौसम और भारी बर्फबारी के चलते इस पास पर जवानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते क्लीयरेंस ऑपरेशन को स्थगित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि करीब एक महीने से अधिक समय तक बंद रहने के बाद क्लीयरेंस कार्य को 7 फरवरी को शुरू कर दिया गया और 15 किलोमीटर लंबे जोजिला पास पर 15 फरवरी तक आधे से ज्यादा क्लीयरेंस कार्य पूरा किया गया और उम्मीद थी कि फरवरी के आखिर में या मार्च के पहले सप्ताह में इसे खोल दिया जाएगा।
लगातार खराब मौसम और प्रतिदिन होने वाले हिमस्खलन के चलते इस कार्य में समय लगा। लेकिन इसके बावजूद भी लगातार बीआरओ के जवानों की कड़ी मशक्कत के चलते इस मार्ग को 21 अप्रैल को खोला गया और पहले ही दिन करीब 13 गाड़ियां कारगिल की ओर रवाना की गई । इससे लद्दाख के लोगों को काफी राहत मिलेगी।
गौरतलब है कि प्रोजेक्ट बीकन और प्रोजेक्ट विजयक के अधिकारियों और जवानों की मेहनत की सराहना करते हुए डीजी बीआर लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी उन्हें मुबारकबाद दी। कहा कि रामनवमी और पवित्र रमजान के महीने में इस मार्ग का खुलना लद्दाख के लोगों के लिए एक बड़ी सौगात है। उन्होंने कहा कि इससे लद्दाख के लोगों को काफी राहत मिलेगी जो इस मार्ग के बंद होने पर हवाई मार्ग पर निर्भर होते हैं। साथ ही सेना की कानवाई की मूवमेंट भी अब आसानी से हो पाएगी। डीजी ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में हमेशा बीआरओ ने अपना लोहा मनवाया है।