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Jammu News: इंडियन ऑयल गैस प्लांट में श्रमिक की संदिग्ध हालात में मौत
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सांबा। बाड़ी ब्राह्मणा स्थित इंडियन ऑयल गैस प्लांट में एक मजदूर की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मृतक की पहचान हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला निवासी राकेश कुमार के रूप में हुई है। राकेश कुमार वर्ष 2004 से गैस प्लांट में कार्यरत था।
परिजनों के अनुसार रविवार को गैस प्लांट की ओर से फोन पर सूचना दी गई कि राकेश कुमार अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा है। इसके बाद उसे बाड़ी ब्राह्मणा के श्री ओम अस्पताल ले जाया गया। वहां से बाद में मौत होने की जानकारी दी गई।
परिजनों का आरोप है कि राकेश कुमार का शव जम्मू मेडिकल कॉलेज में पड़ा रहा, लेकिन इंडियन ऑयल कंपनी की ओर से कोई भी अधिकारी या कर्मचारी वहां नहीं पहुंचा। इसके बाद सोमवार को मजबूर होकर वह शव लेकर सीधे गैस प्लांट पहुंचे और इंडियन ऑयल प्रबंधन से मदद की अपील की, लेकिन उनकी बात सुनने में भी आनाकानी की गई।
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परिजनों ने बताया कि कंपनी कर्मचारियों ने शव को घर पहुंचाने और अंतिम संस्कार के लिए आर्थिक सहायता देने में भी टालमटोल किया और उनके साथ बदसलूकी की गई।
परिजनों का कहना है कि मामला मीडिया में आने के बाद ही इंडियन ऑयल प्रबंधन हरकत में आया और शव को घर पहुंचाने के लिए एंबुलेंस के 12 हजार रुपये तथा अंतिम संस्कार के लिए 20 हजार रुपये की सहायता का भरोसा दिया। परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर लापरवाही और असंवेदनशील रवैये का आरोप लगाते हुए मृतक परिवार को उचित मुआवजा और सरकारी सहायता देने की मांग की है।
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परिजनों के अनुसार रविवार को गैस प्लांट की ओर से फोन पर सूचना दी गई कि राकेश कुमार अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा है। इसके बाद उसे बाड़ी ब्राह्मणा के श्री ओम अस्पताल ले जाया गया। वहां से बाद में मौत होने की जानकारी दी गई।
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परिजनों का आरोप है कि राकेश कुमार का शव जम्मू मेडिकल कॉलेज में पड़ा रहा, लेकिन इंडियन ऑयल कंपनी की ओर से कोई भी अधिकारी या कर्मचारी वहां नहीं पहुंचा। इसके बाद सोमवार को मजबूर होकर वह शव लेकर सीधे गैस प्लांट पहुंचे और इंडियन ऑयल प्रबंधन से मदद की अपील की, लेकिन उनकी बात सुनने में भी आनाकानी की गई।
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परिजनों ने बताया कि कंपनी कर्मचारियों ने शव को घर पहुंचाने और अंतिम संस्कार के लिए आर्थिक सहायता देने में भी टालमटोल किया और उनके साथ बदसलूकी की गई।
परिजनों का कहना है कि मामला मीडिया में आने के बाद ही इंडियन ऑयल प्रबंधन हरकत में आया और शव को घर पहुंचाने के लिए एंबुलेंस के 12 हजार रुपये तथा अंतिम संस्कार के लिए 20 हजार रुपये की सहायता का भरोसा दिया। परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर लापरवाही और असंवेदनशील रवैये का आरोप लगाते हुए मृतक परिवार को उचित मुआवजा और सरकारी सहायता देने की मांग की है।