{"_id":"63962b86648a80713c380283","slug":"jammu-kashmir-news-jammu-city-news-jmu274169992","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: स्कूलों में विशेष जरूरत वाले बच्चों की होगी पहचान, शिक्षकों को किया जा रहा तैयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: स्कूलों में विशेष जरूरत वाले बच्चों की होगी पहचान, शिक्षकों को किया जा रहा तैयार
विज्ञापन
जम्मू। स्कूल शिक्षा विभाग विशेष जरूरत वाले बच्चों की पहचान के लिए सर्वे करेगा। इसके लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) कश्मीर ने अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजूकेशन (ईसीसीई) टीचर के लिए मॉड्यूल तैयार किया है। मॉड्यूल के तहत हर जिले के सभी शिक्षा जोन से छह-छह शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए चुना गया है। इन्हें एससीईआरटी के संसाधन व्यक्ति प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशिक्षण के बाद ये शिक्षक हर स्कूल के एक शिक्षक को प्रशिक्षण देकर तैयार करेंगे।
एससीईआरटी ने नई शिक्षा नीति के तहत इस मॉड्यूल को तैयार किया है, जिसका उद्देश्य शिक्षकों को विशेष बच्चों की पहचान करने के लिए तैयार करना है। ताकि, ऐसे बच्चों की शिक्षा में उपेक्षा न हो। मॉड्यूल के तहत ईसीसीई के प्रति विभिन्न पहलुओं की वैचारिक समझ को बढ़ाना है। साथ ही विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को उनके ही स्कूलों में जरूरी सुविधाएं दी जाएंगी। माड्यूल के मास्टर ट्रेनिंग, डाइट संकाय, ईसीसीई सेंटर में काम करने वाले जरनल लाइन टीचर, ईसीसीई में संसाधन व्यक्त और विशेष शिक्षा टीचर को तैयार किया जाएगा।
---
स्कूलों में लगातार कम हो रहा विशेष बच्चों का नामांकन
प्रदेश में 2015-16 में 24 हजार विशेष बच्चे थे। लेकिन, कुछ वर्षों में इनके नामांकन में कमी आई है। इसका कारण ऐसे बच्चों के लिए विशेष सुविधाओं का अभाव है। सरकार ने ऐसे बच्चों के लिए संसाधन कक्ष तो बनाए हैं, लेकिन उनमें विशेष शिक्षकों की नियुक्ति और जरूरी ढांचा नहीं है। यूडीआईएसई की 2020-21 की रिपोर्ट के अनुसार जम्मू-कश्मीर में 21289 विशेष बच्चों का दाखिला हुआ, जो 2021-22 की रिपोर्ट में कम होकर 17946 रह गया। इनकी संख्या में लगातार गिरावट आ रही है। स्कूलों में सुविधाएं न होने से ऐसे बच्चों के अभिभावक उन्हें स्कूलों में दाखिला नहीं दिला रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
एससीईआरटी ने नई शिक्षा नीति के तहत इस मॉड्यूल को तैयार किया है, जिसका उद्देश्य शिक्षकों को विशेष बच्चों की पहचान करने के लिए तैयार करना है। ताकि, ऐसे बच्चों की शिक्षा में उपेक्षा न हो। मॉड्यूल के तहत ईसीसीई के प्रति विभिन्न पहलुओं की वैचारिक समझ को बढ़ाना है। साथ ही विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को उनके ही स्कूलों में जरूरी सुविधाएं दी जाएंगी। माड्यूल के मास्टर ट्रेनिंग, डाइट संकाय, ईसीसीई सेंटर में काम करने वाले जरनल लाइन टीचर, ईसीसीई में संसाधन व्यक्त और विशेष शिक्षा टीचर को तैयार किया जाएगा।
विज्ञापन
---
स्कूलों में लगातार कम हो रहा विशेष बच्चों का नामांकन
प्रदेश में 2015-16 में 24 हजार विशेष बच्चे थे। लेकिन, कुछ वर्षों में इनके नामांकन में कमी आई है। इसका कारण ऐसे बच्चों के लिए विशेष सुविधाओं का अभाव है। सरकार ने ऐसे बच्चों के लिए संसाधन कक्ष तो बनाए हैं, लेकिन उनमें विशेष शिक्षकों की नियुक्ति और जरूरी ढांचा नहीं है। यूडीआईएसई की 2020-21 की रिपोर्ट के अनुसार जम्मू-कश्मीर में 21289 विशेष बच्चों का दाखिला हुआ, जो 2021-22 की रिपोर्ट में कम होकर 17946 रह गया। इनकी संख्या में लगातार गिरावट आ रही है। स्कूलों में सुविधाएं न होने से ऐसे बच्चों के अभिभावक उन्हें स्कूलों में दाखिला नहीं दिला रहे।
विज्ञापन