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जेकेपीसीसी के पूर्व डीजीएम की संपत्ति अटैच करने पर रोक
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जम्मू। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जम्मू कश्मीर प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन (जेकेपीसीसी) के पूर्व उप महाप्रबंधक (डीजीएम) सुरेश रेखी को ढाई करोड़ रुपये से ज्यादा की अटैच की गई संपत्ति को दस दिन के भीतर खाली करने के निर्देश पर उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है। सुरेख रेखी और उनकी पत्नी ने उच्च न्यायालय के पास याचिका दर्ज कराई थी कि निदेशालय के आदेश पर रोक लगाई जाए। मंगलवार को न्यायाधीश संजय धर ने मामले पर सुनवाई की। कहा कि अगली सुनवाई तक इस मामले में निदेशालय कोई कार्रवाई नहीं करेगा।
बता दें कि प्रीवेंशन आफ मनी लान्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के न्याय निर्णायक प्राधिकारी नई दिल्ली ने संपत्ति को अटैच करने की मंजूरी दी थी। पूर्व डीजीएम के सांबा में फार्म हाउस, जम्मू में प्लाट और नोएडा में फ्लैट की खरीद में कालेधन के इस्तेमाल का आरोप है। 2013 में सुरेश पर एंटी क्रप्शन ब्यूरो ने बेनामी और आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। एसीबी ने जांच में पाया था कि आरोपी सुरेश ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर अवैध रूप से संपत्ति को बनाया। इस मामले में 2018 में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। एसीबी की ओर से आरोप पत्र दायर करने के बाद वर्ष 2020 में प्रवर्तन निदेशालय ने सुरेश रेखी और उसकी पत्नी के खिलाफ कालेधन की रोक संबंधी धारा में केस दर्ज किया था। निदेशालय ने अपनी जांच में पाया कि आरोपी धन शोधन निवारण अधिनियम 2022 में संलिप्त है। जांच में पाया गया कि आरोपी ने 1991 से 2013 तक अवैध रूप से संपत्ति बनाई। अटैच संपत्ति में सांबा जिले के गांव तरोर में 8 कनाल 10 मरला पर बना फार्म हाउस, इसकी कीमत 15763000 रुपये है। इसके अलावा छन्नी हिम्मत जम्मू में भल्ला एन्क्लेव में एक कनाल 2 मरले का प्लाट और नोएडा के जेपी ग्रीन सेक्टर 128 में फ्लैट है।
उम्रकैद की सजा रद्द करने की याचिका खारिज
जम्मू। हत्या मामले में उच्च न्यायालय ने आरोपी को दी गई उम्रकैद की सजा को रद्द करने वाली याचिका को खारिज कर दिया। समीर नाम के युवक ने मैक्सवेल स्कूल में बीए पार्ट 2 के छात्र खुर्शीद के सिर पर वार किया। तब जावेद अहमद शाह ने उसकी टांगे पकड़ रखी थीं। पुलवामा जिला कोर्ट ने आरोपी को फरवरी 2022 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। मंगलवार को इस मामले पर उच्च न्यायालय ने सुनवाई की और इसे खारिज कर दिया।
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बता दें कि प्रीवेंशन आफ मनी लान्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के न्याय निर्णायक प्राधिकारी नई दिल्ली ने संपत्ति को अटैच करने की मंजूरी दी थी। पूर्व डीजीएम के सांबा में फार्म हाउस, जम्मू में प्लाट और नोएडा में फ्लैट की खरीद में कालेधन के इस्तेमाल का आरोप है। 2013 में सुरेश पर एंटी क्रप्शन ब्यूरो ने बेनामी और आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। एसीबी ने जांच में पाया था कि आरोपी सुरेश ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर अवैध रूप से संपत्ति को बनाया। इस मामले में 2018 में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। एसीबी की ओर से आरोप पत्र दायर करने के बाद वर्ष 2020 में प्रवर्तन निदेशालय ने सुरेश रेखी और उसकी पत्नी के खिलाफ कालेधन की रोक संबंधी धारा में केस दर्ज किया था। निदेशालय ने अपनी जांच में पाया कि आरोपी धन शोधन निवारण अधिनियम 2022 में संलिप्त है। जांच में पाया गया कि आरोपी ने 1991 से 2013 तक अवैध रूप से संपत्ति बनाई। अटैच संपत्ति में सांबा जिले के गांव तरोर में 8 कनाल 10 मरला पर बना फार्म हाउस, इसकी कीमत 15763000 रुपये है। इसके अलावा छन्नी हिम्मत जम्मू में भल्ला एन्क्लेव में एक कनाल 2 मरले का प्लाट और नोएडा के जेपी ग्रीन सेक्टर 128 में फ्लैट है।
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उम्रकैद की सजा रद्द करने की याचिका खारिज
जम्मू। हत्या मामले में उच्च न्यायालय ने आरोपी को दी गई उम्रकैद की सजा को रद्द करने वाली याचिका को खारिज कर दिया। समीर नाम के युवक ने मैक्सवेल स्कूल में बीए पार्ट 2 के छात्र खुर्शीद के सिर पर वार किया। तब जावेद अहमद शाह ने उसकी टांगे पकड़ रखी थीं। पुलवामा जिला कोर्ट ने आरोपी को फरवरी 2022 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। मंगलवार को इस मामले पर उच्च न्यायालय ने सुनवाई की और इसे खारिज कर दिया।
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